Sunday, September 28, 2014

MAMA MAMI & AMI

Bohu din por dhaka aslam..roomet ra khub miss kortesiloo..oder rat naki khub pocha kate amake sara..amar fira ke sobai golpo kore enjoy korbe bole tik korloo...bari jawar porer gotona oder sunalam.. konok name amar ak mama(ma r khalato vai) ase..uni unar bou soho kisu diner jonno gurte esechen..ami o gesi..ma bollo son tor mama,mami tor room e gumabe tui bosar gore gumais..ami raji hoe gelam..amar room er akta janalar glass ektu vanga siloo..ami kissu na bosar gore gumie porlam..hotat mami r konto sunte parlam..bujte baki thaklo na ki hossse...tumi thakle okhane ki korte ???

ami o tai korlam..aste kore janalar vangay takie dekhi mami ke kolbalis er upor nie mama matro dukabe...amar nisssas vari hoe gelo...mamar sundar,boro dick dekhe..khub isssa holo isss ooita jodi mama na hoe amar jamai er hoto..kintu dukatei dekhi mama aaaaaaaaaah kore sore gelo...sih..ak min o mama thakte parlo naa??? dhutt..vua..mami kot mot kore bolloo kal i dr dekhabee... sara rat vablam eto boro dhon othocho mami r ki dukkkho...tar mane boro soto r che beshi dorkar ke koto khon paree... dupure mama dr er kase gelo..ami mami r pase gie suilam..gumer van kore asii..hotat ter pelam mami unar buke hat disssee...amar niche vije utloo...kal rat er dekha akhon mami r eto kas theke onuvob kora...sob milie ami hot...ami ovabe suiei bollam ki kal rat valo kate ni???mami r bujte ar baki roilo naa..amar pit e chor die bollo soitan van dore pore aso???daraw dekhassi moja..er por mami onek gotona bollo..mami r onek kostoo..mama ak dom pare na.. ami mami r sob gotona sune bollam ak jon meye jodi tomar kosto vulay dei tumi khusi??mami r chokh bole diloo se etai chassiloo...ami mami r buke hat dilam...mami o sathe sathe amar nipple e mukh die felsee...ami buje utar agei dekhio amar tops mami khule felesee...amar buke besh jorei kamor disssilo...aste kore nijer hatei ami pajama khullam...mami r shari totokhone khule niesi...amar thot pani te vije utsee...aste kore mami r ghare kiss korlam...tar por amar jiv mami r buk pet navi beye ak dom niche chole aslo...evebe onek khon suck korlam...mami r ektu ektu chitkar aamake aro hot kore tulisooo...er modde hotat door bell beje utloo..mami visin khepe geloo..amra 2 joni jama pore dekhte gelam ke asche...dekhi amar sei hablu mama...ami mami mon kharap kore 2 jon 2 room e sute chole gelam.. rat hoe gese...amar sorir hat pa jala korte lagsee...kisssu valo lagtese na...ki korii...onek rat porjonto jege roilam.

ektu por suni mama r fisfisani...dekhtei issa hossilo taw ki korbo...time pass..dekhi ajo aki kahini..mami khub rag kore aste kore room theke ber hoe geloo... amar room e ese naika hajir...ami to khub khusii....dupurer baki ongso suru holo...mami akta mom nie ese silo...prothome amake then mami ke tanda korlam..tar por 69 suru korlam...jei position niesi hotat mone holo amar fad e ami nijei mone hoy para diesi...jevabe ami mama r ta dekhlam akhon mone hosse tik sevabei mama o takie asee....tik i guess koresi....prochondo lojja pelam..totokhone mama amar room e chole esechee..ese bollo ar lojja peye ki hobe...ami o bollam dekho lojja beshi pawar kotha tomar tumi kisui paro naa...mami hotat kore bole boslooo ai amra 2 jon mile tor mama r sathe sex kori dekhi koto bar na pare..mama o mone holo moja peyesee......ami bollam ok then ami amar moto kore suru korbooo...mami ke bollam mama r jama khuloo....amra kintu pura khalii...mama r jama khule mama ke bollam aso amar aaita suck koroo...mama onissa nie suru korlooo ommma pore aar mukh nore naa....

tar por mami ke bollam mama r ball s e kiss koro......mami o ektu go go korlew pore suru korloo...er por mama & mami 2 joni khub hot hoe gelooo...er por bollam mama aaibar push koro...mama ute mami r okhne push korloo aar amar okhane kiss korlooo...aste aste amar sob vije utlooo...taw dekhi mama mami ke korei jasssee...se ki awaz...mami bar bar bolsee ar na ...sob vije gesee...uuuff aaah...are 2 bar hoe gese..na aar koro na ...lokkhi tomar hosse na kenoo..mama bolte ar ektu sona ber hoe jabeee..ar ektuuu...uuuffff..ami aste kore ute gelam n unader khela dekhlam....mami ki khusiii..ami ektu kore afsos korlam...mama na hole aai lok er sathe obosssoi sex kortam...polscience e poreo ami sexchual science er koto kisu jani vebei mon valo hoe geseee...

kemon laglo bondu ra???amar roomet ra kintu khub moja peyesee

Wednesday, September 24, 2014

বউকে চুদতে গিয়ে বোনকে চুদলাম Real Bangla Choti



ঘটনাটি আমার বিবাহিত বোন
অনুর সাথে। অনুর আমার থেকে প্রায় ১০
বছরের বড়। দুলাভাই একজন ব্যবসায়ী।
ঘটনাটি যখন ঘটে তখন বোনের কোলে ৬ মাসের
ছেলে। যদিও সে ছিল চমৎকার দেহ পল্লবীর
অধিকারী কিন্তু কখনও তাকে নিয়ে ভেবে দেখিনি।
প্রায় ৩৮ সাইজের দুধ আর বিশাল পাছা,
মাজা চিকন, যে কোন পুরুষ দু’বার তাকিয়ে দেখবে।
যখন কেউ তার দিকে তাকায়, প্রথমেই তার দুধের
দিকে নজর যাবে, তার পরে পাছা।গল্প শুরু করার
আগে আমার দুলাভাইয়ের পরিবার সম্পর্কে বলি।
শ্বশুর-শ্বাশুড়ী আর একজন ননদ নিয়ে আমার
বোনের সংসার। এক মেয়ের পর এক ছেলে। ৬ মাস
বয়স ছেলের। আমার বোনের ননদ ফারজানা। “
তার সৌন্দর্যের কথা, কি বলব?” আমার
থেকে মাত্র ১ বছরের ছোট। এবার নাইনে পড়ে।
বোনের বিয়ে হয়েছে, প্রায় ৬ বছর। আমি তখন
খুব ছোট, ফারজানাও ছোট। কিন্তু আমি এখন
দশম শ্রেণীতে পড়ি। বেশ হৃষ্টপুষ্টু, আর জিম
করার কারণে দেহটাও আমার মজবুত। ছোট বেলার
খেলার সাথী ফারজানাকে যে কখন ভালবাসতে শুরু
করেছি নিজেই জানতাম না। কিন্তু বলতে সাহস
পাচ্ছিলাম না। ঘটনার শুরু আমার চাচাত ভাইয়ের
বিয়েতে। যৌথ পরিবার বলে, তার বিয়েতে আমার
বোনের বাড়ীর সবাই হাজির। বাড়িতে আত্নীয়
স্বজন ভর্তি। ভয়ে ভয়ে ইতিমধ্যে আমার
বোনকে বলেছি আমি ফারজানাকে ভালবাসি। বোন
আমাকে অভয় দিয়েছে, ফারজানা রাজি
থাকলে আমাদের বিয়ের ব্যবস্থা সে করবে।
অবশেষে গত কাল ফারজানাকেও বলেছি, তার কাছ
থেকে ও গ্রিন সিগনাল পেয়েছি, ফলে বিয়ের
অনুষ্ঠানটি আমার জন্য অত্যন্ত আনন্দের।
আমার বহুদিনের ইচ্ছা ফারজানাকে জড়িয়ে ধরার।
সেই সুযোগ আমাকে করে দিল বিয়ের অনুষ্ঠান।
কিন্তু সামান্য জড়িয়ে ধরার পরই যেন আমার
ক্ষুধা বেড়ে গেল। মন চাচ্ছিল আরো কিছু বেশি।
আর এই বেশির আশায় এমন কিছু ঘটে গেল,
যা আমার বোনের সাথে আমার
সম্পর্ককে চিরদিনের জন্য পাল্টিয়ে দিল। অনু
আজ প্রায় ১ সপ্তাহ আমাদের বাড়ীতে।
দুলাভাইও গতকাল এসেছে। বাড়ীতে লোকজন
ভর্তী। বিয়ে শেষে বউ নিয়ে যখন
আমরা বাড়ীতে আসলাম, বাড়ীতে আর পা ফেলার
জায়গা নেই। অনু মাকে বলল, সে খুব ক্লান্ত, তার
বিশ্রামের দরকার। দুলাভাইকেও কোথাও
দেখছিলাম না। আমি ও মওকা পেলাম, সুযোগ
পেলাম, ফারজানাকে কিছু করার। বাড়ীর কাজের
মেয়েটার হাতে ছোট্ট চিরকুট ধরিয়ে দিলাম।
স্টোর রুমে আছি আমি, এসো।
আপাকে দিতে বললাম, তার মানে ফারজানাকে।
কিন্তু আমি শুধু বলেছিলাম আপাকে দিতে। কোন
আপা বলেনি। কাজের মেয়ে ভাবল
আপাকে দিতে বলেছি, ফলে সে অনু আপাকে
দিয়ে আসল। সেতো আর জানত না,
কি লেখা আছে ঐ চিরকুটে। যখন আমার বোন
চিরকুটটি পড়ল, ভাবলে তার স্বামী মানে আমার
দুলাভাই ঐ চিরকুট দিয়েছে। হয়ত দুলাভাই কয়দিন
চুদতে পারেনি বলে এই সুযোগে চুদতে চাচ্ছে।
বাচ্চাটাকে ঘুমিয়ে দিয়ে অনু দেরি করল না, বরের
কষ্ট লাঘব করার জন্য সে স্টোর
রুমে চলে আসল। বিয়ের কারণে অব্যবহৃত
অধিকাংশ জিনিস স্টোর রুমে আশ্রয় পেয়েছিল,
ফলে সেখানেও নড়াচড়ার মতো খুব
বেশি জায়গা ছিল না। আমি ফারজানার জন্য
অন্ধকারে অপেক্ষা করছিলাম।
আপা দরজা খুলে ঘরে ঢুকল।
অন্ধকারে আমি যেমন তাকে চিনতে পারলাম না,
সেও পারলনা আমাকে চিনতে। যখন সে ঘরে ঢুকল,
এত দ্রুত আমি তাকে জড়িয়ে ধরে চুমু
খেতে থাকলাম যে সে কোন কথা বলার সুযোগ পেল
না। দ্রুততার সাথে চুমু খেতে আমি তার দুধে হাত
দিলাম। আর টিপতে লাগলাম। আশ্চর্য হলাম,
কেননা ফারজানার দুধ এত বড় না। কোন কিছু
চিনতা না করেই সুযোগ হাতছাড়া করতে চাইলাম
না , অন্যদিকেও যেহেতু একই অবস্থা একটার পর
একটা দুধ টিপ তে থাকলাম। আস্তে আস্তে তার
ব্লাউজ খুলে দিলাম। আমাকে আর কিছু
করতে হলো না, সে নিজেই আমার মাথা টেনে তার
দুধ ভরে দিল আমার মুখে। তার হাতে ধরিয়ে দিলাম
আমার ধোন বাবাজিকে। দুধ চুষতে যেয়ে বুঝলাম,
এ আমার বোন অনু। চোষা বন্ধ করে দিলাম,
কিন্তু সে আবারো আমার মুখে তার দুধ ভরে দিল।
অন্য একরমক মতিচ্ছন্ন অবস্থা আমার।
চুষতে থাকলাম প্রাণভরে। আমার ধোন এখন তার
হাতে। চরম আবেশে দুই দুধ একটার পর
একটা চুষতে লাগলাম, মিষ্টি মিশ্টি দুধে আমার
পেট ভরে গেল। এতক্ষণ প্যান্টের উপর দিয়েই
আমার ধোন টিপছিল সে। কিন্তু তার
ঝটিকা আক্রমনে কখন যে প্যান্ট
খুলে গেছে বুঝতে পারিনি, বুঝলাম যখন
সে জাঙ্গিয়াও খুলে ফেলল। আমার ধোন
বাবাজি ইতিমধ্যে আসল রুপ ধারণ করেছে। হঠাৎ
বোনের হাত থেমে গেল।
হয়তো এতক্ষণে সে বুঝতে পেরেছে আমি তার
স্বামী নয়। কিন্তু বেশিক্ষণ স্থায়ী হলো না।
সে আবার ধোন খেচায় মন দিল। গা ঘেমে ভয় দুর
হলো আমার। আমার মোটা ধোনটাকে সে উপরে-
নিচে খেচতে লাগল। আমার মনে হয় তার স্বামীর
ধোন ছাড়া অন্য ধোন খেচার সুযোগ সে ভালই
উপভোগ করছিল, অন্তত তার improsion এ
সেটা বোঝা যাচ্ছিল। হাটু গেড়ে বসে হঠাৎ তার
মুখটা সে আমার ধোনের কাছে নিয়ে গেল।
পরে শুনেছিলাম তার কাছে স্ত্রীরা নিজের
স্বামীর ধোন মুখে দেয় না, কিন্তু পরকিয়ার
সুযোগে অন্য পুরুষের ধোন
নিতে তারা আপত্তি করে না। আস্তে
আস্তে ধোনের মাথায় সে চুমু খেতে লাগল, আ র
আমি কেপে কেপে উঠছিলাম। অতঃপর পুরো ধোন
সে একেবারে মুখে পুরে আইসক্রিমের
মতো চুষতে লাগল। ‘মমম’ তার মুখ দিয়ে শুধু বের
হচ্ছিল এই শব্দ ‘মমম’ কিছুক্ষণ চোষার পর
আমি সহ্য করতে পারছিলাম না, ঠাপের পর ঠাপ
মারতে লাগলাম তার মুখে। মাল প্রায় মাথায়
এসে গেছে। টেনে ধোন বের করে নিলাম। দুই হাতে
বুকে জড়িয়ে নিলাম তাকে। চুমুয় চুমুয়
খেয়ে ফেলতে লাগলাম তার ঠো টটি। সেও জিব
পুরে দিল। বুঝলাম অবস্থা সঙ্গীন তার। চুমু চুমু
খেতে আমি তার শাড়ি মাজার উপর তুলে দিলাম,
আঙ্গুল পুরে দিলাম তার গুদের মধ্যে। চুমুর
সাথে সাথে খেচতে লাগলাম। বুঝতে পারলাম, দু’এক
দিনের মধ্যে সে গুদের চুল চেছেচে।
কেননা গুদে কোন বাল নে ই। আরেকটা আঙ্গুল
পুরে দিয়ে আঙ্গুল চুদা দিচ্ছিলাম। মজায়
সে আহ্হ্হ, ম্ম্মমম শব্দ করছিল। ঠোট দিয়ে তার
শিৎকার বন্ধ করে দিলাম। প্রায় ৫/৭ মিনিট
পরে হঠাৎ আমার হাতে যেন কেউ পানি ঢেলে দিল,
সেই সাথে অনুর প্রচন্ড চাপে আমার আঙ্গুল যেন
প্রায় ভেঙে গেল। বুঝলাম গুদের জল খসিয়েছে।
ঠোট ছেড়ে নিচু হলাম। দুআঙ্গুল দিয়ে গুদ ফাক
করে জিব পুরে দিলাম কামড়ে কামড়ে
খাবলে খেতে লাগলাম তার গুদু সোনা।
মনে হলো তার শিৎকারে পুরো বাড়ির লোক
শুনতে পাবে। মাঝে মাঝে দু’আঙ্গুল দিয়ে তার গুদ
খেচে দিচ্ছিলাম সাথে সাথে গুদ খাবলে খাওয়াও
চলছিল। আমার মাথা তার দুই দাপনার
মধ্যে সে আটকিয়ে ধরে তার গুদে ঠেসে ধরল। গুদ
খেতে খেতে আঙ্গুল পুরে দিলাম তার পাছার
ফুটোয়। আহ্হ করে শিৎকার করতে করতে আবার
মুখ ভরে দিল গুদের পানিতে। আমার ধোনের
জ্বালা অসহ্য হয়ে গেল। মনে হয় সে ও
বুজতে পারল। কুকুরের মতো বসে আমার ধোন
ধরে তার গুদের মুখে ঠেসে দিল।
আস্তে আস্তে ঠেলা দিয়ে ধোন পুরে দিলাম তার
ভেজা গুদের মধ্যে। তার জরায়ুর
মুখে ধাক্কা মারতে লাগল আমার ধোন। আমার
ঠাপে সে কষ্ট পাচ্ছিল, বুঝলাম যখন
সে আমাকে থামাতে চেষ্টা করল। কিন্তু অবজ্ঞা
করে ধোনকে বাইরে এনে পুরো গায়ের বলে গুদের
মধ্যে ঢুকিয়ে দিলাম। সে চিৎকার করে উঠল,
আস্তে’। দয়া দেখানোর মতো অবস্থা নেই
আমার। দুধ দুটো হাত দিয়ে
টিপতে টিপতে ঠাপাতে লাগলাম অন্ধের মতো।
বোন আমার শুধু ঠাপের ধাক্কার তালে তালে ,
‘মমমমমমমমমমমমআহহহহহহহ’ করছিল।
পুরো উত্তেজনায় তার গুদের রস,
ধোনকে পিচ্ছিল করে দিল। এখন ধোন পিচ্ছিল
হওয়ার কারণৈ সহজেই গুদের মধ্যে যাতায়াত
করছিল। এখন আমার ধোন পুরোটা আমার
বোনের গুদের মধ্যে। ঠাপের গতি বাড়িয়ে দিলাম।
সে শিৎকার করতে লাগল, ‘ চোদ আমাকে আহ্হ্হহ,
চুদো চুদে গুদ ফাটিয়ে দাও, মামমমম, আহহম ।
বুঝতে পারলাম আবার জল খসাবে। দুধের
বোটা ধরে চিমটি কাটতে লাগলাম ঠাপানোর
সাথে সাথে। ওওওওওমমমম, মমমমমমম। হঠাৎ
বোন আমার ধোন কামড়িয়ে ধরল, গুদ দিয়ে গুদ
টাইট হয়ে গেল, বুঝলাম তার আবার হবে।
এদিকে আমার অবস্থাও প্রায় একই। একই
সাথে দুজন মাল ছেড়ে দিলাম। ঠপাস করে পড়লাম
তার পর। দুজন দুজনকে জড়িয়ে ধরে শুয়ে পড়লাম।
প্রায় ২০ মিনিট এভাবে থাকালাম। একটু দম
পাওয়ার পর সে আবার দুধের বোটা আমার
গালে ভরে দিল। চুষতে লাগলাম। বোন
উঠে বসে লাইট দিল। আমাকে দেখে সে যেন
কারেন্টে শট খেল। কিছু বলল না,
উঠে দরজা খুলে চলে গেল।
আমি মনে মনে ভাবলাম, বোন কষ্ট পেওনা,
তোমার দুধ আর গুদ খুব তাড়াতাড়ি আবার খাব।

ছোট বোনের ভোদা ভাটিয়ে দিলাম।Boner Voda Fatia Dilam



আমার পাঁচ বছরের ছোট বোন
স্বর্ণালী এবার এসএসসি দেবে আমরা গ্রামের
বাড়ীতে থাকি। আমি কোন প্রেম
ভালোবাসা করি না কিন্তু সময়ের
প্রেক্ষিতে আমার শরীরে উত্তেজনা অনুভব করে
আমি নবম-দশম শ্রেণী থেকে হস্তমৈথুন করতাম
আর মনে মনে ভাবতাম কবে কখন কোন
মেয়ে মানুষকে ভোগ করতে পারবো। পাশের ঘরের
চাচাতো বোন, চাচী, ক্লাসের
সুন্দর সুন্দর মেয়েদের ভেবে ভেবে সপ্তাহে চার
পাঁচ বার রাতে মাল ফেলতাম
আর কলেজে উঠার পর থেকে বন্ধুদের
সাথে নিয়োমিত থ্রি-এক্স ছবি দেখতাম।
একদিন রাতে হারিকেনের আলোতে আমি আর
আমার ছোট বোন একই টেবেলে পড়ছিলাম।
পড়তে পড়তে আমার চোখ হঠাৎ স্বর্ণালীর
দিকে পড়তে তার মুখ থেকে আমার চোখ তার
বুকে চলে গেল, তার বুকের ওড়না এক
পাশে পড়ে ছিল। পড়াতে মনোযোগ থাকায় যে
বুঝতে পারেনি আমার তাকানো। আমি স্পষ্ট
জামার ওপরে দিয়ে বুঝতে পারলাম যে
তার মাইগুলো যেন জামা পেটে বের
হয়ে আসবে অনেক সুন্দর দেখাচ্ছে বুকের
মধ্যেখান দিয়ে কিছু অংশ স্পষ্ট
দেখা যাচ্ছে কতক্ষণ যে তাকিয়ে ছিলাম বুঝতে
পারলাম না হঠাৎ স্বণর্ালীর
ডাকে আমি বাস্তবে ফিরে এলাম যে কি যেন পড়া
দেখানোর জন্য বলল।
আমি বুঝতে পরিনি যে সে আমার
তাকানোটা দেখছে কিনা। ঐ
রাতে স্বর্ণালীকে ভেবে মাল ফেলেছিলাম
যা আমি আর কখনও করিনি বা আমর
ভাবনাতেও আসেনি। এর পর
থেকে আমি লুকিয়ে লুকিয়ে তাকে প্রায় লক্ষ্য
করতাম
তার মুখ, ঠোঁট, বুক, নিতম্ব এবং সে গোসল
করতে গেলে ও তাকে লক্ষ্য করতে
চাইতাম এবং কারনে অকরনে তাকে স্পর্শ
করতে চাইতাম এবং করতামও এবং অনেক বার
না বুঝার ভান করে তার বুকেও হাতের স্পর্শ
দিয়েছি, সে বুঝতে পারতো কিনা
জানিনা তবে সে সব সময় আমার সাথে সহজ সরল
ব্যবহার করত। স্বর্ণালীর এসএসসি
পরীক্ষা শেষ হলো আমার পরীক্ষা সামনে আর
হঠাৎ একদিন নানু অসুস্থ হওয়া মা
স্বর্ণালী আর আমাকে রেখে নানুর বাড়ী গেলো।
রাতে খাওয়া দাওয়া শেষে আমি
পড়তে বসলাম আর স্বর্ণালী একা একা শুতে ভয়
পাবে বলে আমাকে বলল ভাইয়া তুমি
আমার সাথে শুবে তা না হলে আমার ভয় করবে।
আসল কথা বলতে কি, আমরা আগেও মা
কোথাও গেলে এক সাথে শুতাম কিন্তু আজ কেন
জানি আমার মনে অন্য রকম একটা
অনুভূতি সৃষ্টি হলো।
যাহোক
স্বর্ণালী শুয়ে পড়লো আমি পড়তে বসলাম কিন্তু
শরীর ও মনের মধ্যে একটা
অস্থিরতা করছিল পড়াতে মন বসাতে পারলাম না।
বারোটার দিকে শুতে গিয়ে দেখি
স্বণর্ালী শুয়ে আমার জন্য
বিছানা তৈরি করে মধ্যখানে একটা কোল বালিশ
দিয়ে
রেখেছে। আমি আগের মত হলে হয়তো চুপচাপ
শুয়ে ঘুমিয়ে পড়তাম কিন্তু খাটে উঠে
ওরদিকে তাকিয়ে দেখলাম ও ছিত
হয়ে শুয়ে আছে ওর বুকের দিকে তাকিয়ে দেখলাম
জামা পরা অবস্থায়
ওড়না দিয়ে বুকটা ডাকা কিন্তু বুকটা উচুঁ
হয়ে আছে। আমি ও
শুয়ে পড়লাম কিন্তু ঘুম আসছে না। অনেকক্ষণপর
ঘুমের বান করে কোল বালিসের
উপর দিয়ে স্বণর্ালীর বুকে হাত দিলাম
একটা স্তন পুরো আমার একহাতের মুঠোয়
ভরে গেল। কিন্তু
ওকোনো নড়াছড়া করছে না মনে হয়
ঘুমিয়ে আছে আমি বেশি
নাড়াছাড়া করলাম না কতক্ষণ যে ঐভাবে রাখলাম
বুঝতে পারলাম না। একটু পরে
মাঝখানের কোল বালিশটা পা দিয়ে একটু নিচের
দিকে নামিয়ে রেখে একটা পা তার
পায়ের উপর তুলে দিলাম ও একটু নড়ে ছরে উঠল
আমি নড়লাম না হয়তো ও জেগে উঠছে
কিন্তু আমি ঘুমের বান করে কোন
নড়াছড়া করলাম না আমার বাড়াটা তার শরীরের
সাথে ঠেকেছে, বাড়াটা শক্ত হয়ে আছে মন
চাইছে এখনি ওকে জোর করে দরে চুদে ওর
ভিতরে মাল ঢেলে দিই কিন্তু নিজের বোন বিদায়
সেই লিপ্সাটাকে চেপে রেখে
বাড়াটা ওর শরীরে সাথে সেটে রেখে ওর
বুকটাকে ধরে রেখে শুয়ে রইলাম কখন যে
ঘুমিয়ে পড়লাম বুঝতে পারলাম না। সকালে ঘুম
ভাঙ্গলো স্বণর্ালীর ডাকে, ভাইয়া
উঠো নাস্তা খাও কলেজে যাও ওর
ডাকে আমি উঠলাম আর রাতের
ঘটনাটা মনে পড়তে
অনুভব করলাম আমার
লুঙ্গি ভেজা মানে রাতে স্বপ্নদোষ হয়েছে। কিন্তু
স্বর্ণলীর স্বাভাবিক আচরণ দেখে বুঝলাম
যে সে কিছুই বুঝতে পারলো না। উঠে
গোসল করে নাস্তা খেয়ে কলেজে চলে গেলাম
আসার সময় নানার বাড়ী হয়ে আসলাম
নানুর অবস্থা ভালো না মাকে আরো কয়েক দিন
থাকতে হবে। মা বলে দিল যে দুইজনে
মিলেমিশে থাকিস, দুষ্টুমি করিস
না শুনে মনে মনে অনেক খুশি হলাম। বাড়ীতে
আসতে স্বন্ধ্যা হয়ে গেল।
এসে পড়া লেখা করে রাতের খাওয়া সেরে স্বর্ণালী
বলল আমি শুলাম
তুমি তাড়াতাড়ি এসো না হলে আমার ভয় করবে।
স্বর্ণালীর আচরণে
আমি একটু অবাক হলাম যে, মনে কাল রাতের
ঘটনা বুঝতেই পারলো না। ও শুয়ে গেল
আমি পড়তে বসে মন বসাতে পারলাম না।
আমি শুতে গেলাম, শুতে গিয়ে দেখলাম আজ
মধ্য খানে কোল বালিশটা নাই ও আমার বালিশের
দিকে চেপে শুয়ে আছে। আমি
ভাবলাম
হয়তো মধ্যখানে বালিশটা দিতে ভুলে গেছে আমি
শুয়ে পড়লাম অনেকক্ষণ পর
ও ঘুমিয়েছে ভেবে আমি ও ঘুমের ভাব করে ওর
বুকে একটা হাত তুলে দিলাম আর ওর
শরীলের ওপর একটা পা তুলে দিলাম পাটা ওর দুই
পায়ের মধ্যখানে রাখলাম ও কোন
নড়াছড়া করলো না আমি ও কোন
নড়াছড়া করলাম না।
ওকে নড়াছড়া করতে না দেখে আমি
ওর বুকের মধ্যে একটু হালকা চাপ দিলাম ও
সামান্য নড়ে উঠলো আমি চাপটা
বাড়ালাম না। আমার বাড়া বাবাজি শক্ত হয়ে ওর
কমোরে ঠেঁকছে।
নিজেকে আর ধরে রাখতে পারলাম না তাই
ওকে জড়িয়ে ধরে ওর ঠোঁটে আদর করতে
লাগলাম ও জেগে গিয়ে বলল
ভাইয়া কি করতেছে ছাড়ো, ছাড়ো আমি তোমার
বোন কিন্তু
ও ছাঁড়ো ছাঁড়ো বললেও
নিজেকে ছাড়াতে চেষ্টা করলেনা। আমি কিছু
না বলে ওর
ঠোঁটটা চুসতে লাগলাম আর দুপায়ের
মাঝে একটা পা ঢুকিয়ে চেপে রাখলাম বুকের
ওপর হাত দিয়ে স্তন
দুটি আস্তে আস্তে টিপতে থাকলাম।
স্বণর্ালী বার বার বলল
ভাইয়া ছাড়ো, ভাইয়া ছাড়ো আমি এতক্ষণ কিছু
বলিনি এবার বললাম, স্বর্ণালী
তোকে খুব আদর করব তোর অনেক
ভালো লাগবে, হইনা আমি তোর ভাই কিন্তু আজ
না হয়
ভুলে যাই তোকে অনেক সুখ
দেবো এগুলো বলছি আর ওর সারা মুখে আদর
করছি। ও না
না করলে নিজেকে সরানোর সামান্য চেষ্টা ও
করছে না। কিছুক্ষণের মধ্যে ওর না
না বন্ধ করে দুই হাত দিয়ে আমার
গলা জড়িয়ে ধরলো আমি বুঝলাম যে আর কোন
বাঁধা নাই। তাই স্বর্ণালীর কপলা, চোখে, মুখে,
নাকে, ঠোঁটে আদর করতে
লাগলাম ও ঠোঁট চুসতে থাকলাম কিছুক্ষণ। ঠোঁট
চুসাতে ওর মধ্যে একটা কাঁপুনি
অনুভব করলাম আর এতক্ষণ জামার ওপর
দিয়ে ওর স্তনগুলো টিপছিলাম এতক্ষণ পর ও
বলল আস্তে টিপো ব্যাথা লাগে। আমি ওর বুক
থেকে ওড়নাটা সরিয়ে ওকে জামা
খুলতে বললাম কিন্তু ও কোন
নড়াছড়া করলনা ওকে একটু
আস্তে তুলে গলা দিয়ে আমি
জামাটা খুলে নিলাম এখন তার শরীলে শুধুমাত্র
একটা ব্রা আর পাজামা ছাড়া আর
কিছুই রইলনা। ওকে একটু ওপর করে ব্রাটা ও
খুলে ওর খোলা বুকে ওর একটা স্তনে
হাত দিয়ে বুঝলাম খুব টাইট বেশি বড় সাইজের
না মাঝামাঝি ৩০ক্ষ্ম বা ৩২ক্ষ্ম
সাইজের হবে। আমি একটা স্তন টিপতে আর
একটা স্তন চুষতে থাকলাম আর ওর বুকে
গলায় পেটে অনেক অদর করতে থাকলাম
স্বর্ণালীর মুখ দিয়ে অহ্ আহ্ শব্দ বের
হতে লাগলো আমি ওর দুধ চুষতে চুষতে একটি হাত
ওর পাজামার ভিতরে ঢুকিয়ে
দিলাম ওর গুদে হাত দিতে ছোট ছোট চুলে ভরা ওর
গুদ আর পুরো গুদটা ভিজে
একাকার হয়েগেছে। আমি এক টান দিয়ে ওর
পাজামার ফিতা খুলে পাজামাটা খুলে
ফেললাম ও কোন বাঁধা কিংবা কিছুই বললনা ও শুধু
আহ্ আহ্ শব্দ করতে ছিলো
পাজামা খুলে ওর গুদের মুখে একটি আঙ্গুল
ঢুকিয়ে দিয়ে ঢুকানো আর বাহির করতে
থাকলাম আর অন্য দিকে ওর মুখ, ঠোঁট, দুধ
দুটিতে চুষতে ও আদর করতে থাকলাম
এদিকে আমার বাড়া পেটে যাচ্ছিল। স্বর্ণালীর
একহাতে আমার বাড়াটা ধরিয়ে
দিলাম ও শুধু হালকা ভাবে ধরে রাখলো একটু
নাড়াছাড়া ও করেনি। ওর সারা শরীল
চোষা ও গুদে আঙ্গুল ঢুকানো ও বাহির
করানোতে ওর ভিতর থেকে জল খসে পড়লো আর
স্বর্ণালী অনেক ওহ্ আহ্ ওহ্ আহ্ . . . . . . . শব্দ
করতে থাকলো। এইদিকে
আমার বাড়াটা স্বর্ণালী ধরে রাখাতে সেটাও যেন
ফেটে যাচ্ছে। আমি স্বর্ণালীর
গুদে আঙ্গুল চালানো বন্ধ করিনি আর ওর দুধ,
ঠোঁট চোষা ও আদার করতে ছিলাম
স্বর্ণালীর গুদে আঙ্গুল চালানোতে আর আদর
করাতে ওর শরীলে কামোনার আগুন
জ্বলে উঠলো এতক্ষণ কিছু না বললেও এবার
বলল ভাইয়া আমি আর পারছিনা আমার
শরীর যেন কেমন করছে তুমি কিছু একটা কর।
আমি বুঝতে পারলাম ওর গুদ চোদন
খাওয়া চাচ্ছে এইদিকে আমার ও
অবস্থা ভালো না বাঁড়াটা যেন ফেটে যাচ্ছে। আমি
ওকে বললাম এইতো আপু এবার তোমার গুদের
ভিতর আমার বাড়াটা ঢুকাবো আমার কথা
শুনে ও বলল এসব কি বলতেছো তুমি। এসব
এখনকার কথা বলে ওর গুদ থেকে আঙ্গুল
বের করে ওর পা দুটো পাক করে ওর গুদের
মুখে আমার বাড়াটা সেট করে আস্তে ঠাপ
দিলাম কিন্তু বেশী ঢুকলো না। আরোও একটু চাপ
দিতে স্বণর্ালী ওহ্ শব্দ করে
উঠল আমি বুঝলাম ওর সতি পর্দা এখনও
ফাটেনি আর সেটা ফাঁটানোর দায়িত্ব আমার
ওপরই পড়ছে। স্বর্ণালী বলল, কি চুপ করে আছ
কেন ঢুকাও ওর কথায় সাাহস পেয়ে
ওর ঠোঁটে আমার ঠোঁট দিয়ে আদর
করতে করতে বাড়া বের করে এনে আস্তে আস্তে
চেপে ধরে জোরে এক চাপ দিলাম ও
গোঙ্গিয়ে উঠলো কিন্তু ঠোঁটে ঠোঁট দিয়ে চাপ
দিয়ে রাখাতে বেশি শব্দ হলো না আমি আমার
বাড়ায় গরম অনুভব করলাম বুঝতে
পারলাম সতিত্য পর্দা ফেঁটে রক্ত ভের হচ্ছে।
কিন্তু ও তা বুঝতে পারেনি আমি
বাড়া ওঠা নামা করছিলাম
আস্তে আস্তে স্বর্ণলী ও আস্তে আস্তে নিচ
থেকে কোমর
উঠাচ্ছিল বুঝতে পারলাম আরাম অনুভব করছে।
কিছুক্ষণ ঠাপানোর পর আমার মাল
বের হওয়ার আগ মূহুর্তে স্বর্ণলী ওহ্ আহ্ ওহ্
আহ্ শব্দ করে আমাকে ওর বুকে
চেপে ধরলো আর ওর জল খসালো। আমি যখন
বুঝতে পারলাম আমার মাল বের হবে আমি
আমার বাড়াটা বের করে ওর গুদের মুখে মাল
ঢেলে ওকে আমার বুকের ওপর তুলে
শুয়ে পড়লাম অনেকক্ষণ এভাবে শুয়ে থাকলাম কেউ
কোন কথা বললাম না। অনেকক্ষণ
পর আমি বললাম, কেমন লাগলো স্বর্ণালী । -
স্বর্ণলী কিছুক্ষণ চুপ করে থেকে
বলল, ভালো। - শুধুই ভালো ? - খুব ভালো । -
আমি কি কোন অপরাধ করেছি? -
অপরাধ হবে কেন ? - তোর মতের বিরুদ্ধ কিছু
করিনিতো? - আমি শুধু বললব আমার
খুব ভালো লেগেছে, বলে আমার কপালে, মুখে,
ঠোঁটে ও আদর করে দিল। এই প্রথম
সে আমাকে আদর করল। - আমি বললাম
তাহলে এখন থেকে আমরা সবসময় সুযোগপেলে এই
খেলা খেলবো কি বলিস? - ঠিক আছে, কিন্তু ও
তুমি তোমার মাল বাহিরে ফেললে
কেনো? - ফেলেছি যদি তুই প্রেগনেট হয়ে যাস এই
জন্য। - তাহলে? - তাহলে কি?
আমি তোকে ফিল এনে দিবো তুই নিয়োমিত ফিল
খাবি আর দুই ভাই বোন মিলে এই খেলা
খেলে যাবো। - স্বর্ণলী বলল আমি স্বপ্নেও
ভাবতে পারিনি যে প্রথম আমর আপন
ভাইয়ের দ্বারা আমার কুমারিত্ব নষ্ট হবে। - তুই
কুমারিত্ব নষ্ট হওয়া বলছিস
কেন তোর বিয়ে দিতে আরোও অনেক
দেরি আছে আর আমার ও বিয়ে করতে অনেক
দেরি আছে
আমাদের যৌবনের জ্বালা মেটানোর জন্য
আমাদের আর বিয়ে পর্যন্ত অপেক্ষা করতে
হবে না। আমাদের বিয়ের পরে ও আমরা ভই বোন
মিলে যখন সুযোগ পাবো এই খেলা
খেলে যাবো। - স্বর্ণলী আমার গায়ের ওপর
শুয়ে শুয়ে কথা বলছিল ওর বুকের স্তন
যুগোল আমার বুকে চেপে আছে আর ওর গুদ
খানা আমার বাড়ার ওপর। অনেকক্ষণ কথা
বলতে বলতে নিজেদের আবার উত্তেজিত
হতে দেখে ঐ রাতে আর একবার চোদাচুদি করে
ন্যাংটা অবস্থায় দুইজন
দুইজনকে ধরে শুয়ে ঘুমিয়ে পড়লাম। রাতে যত
আদর আর
চোদাচুদি করেছি সব অন্ধকারে।
সকালে প্রথমে স্বর্ণালীর ঘুম ভাঙ্গে কিন্তু
ওকে শক্ত করে ধরে রাখার
কারনে উঠে যেতে পারেনি আমাকে ডাকলো ভাইয়া
আমাকে
ছাড় আমি উঠব। ওর ডাকে আমার ঘুম ভাঙ্গল
তখনও ওকে জড়িয়ে ধরেই ছিলাম এবং
ছেড়ে দিলাম তখন বাহিরের
আলো ঘরে এসে পড়েছে বোনকে আমার স্পষ্ট
দেখা যাচ্ছে
দিনের আলোতে তার সুন্দর দেহটা আমার
সামনে ভেসে উঠল স্বর্ণালী উঠে দাড়ালো
আমি ওর দিকে হ্যঁ করে তাকিয়ে ছিলাম ও
জামা হাতে নিয়ে লজ্জা রাঙ্গা চোখে
আমাকে বলল কি দেখছো? আমি ওর কথার
উত্তর না দিয়ে ওর হাত থেকে জামাটা নিয়ে
ছুড়ে মেরে ওকে একটানে আমার বুকে নিয়ে বললাম
আমার বোনটি যে এত সুন্দর আমি
তো আগে দেখিনি আর কাল রাতেও বুঝতে পারিনি।
এখন আমি তোমাকে দিনের আলোতে
দেখে দেখে আদার করব আর চোদাচুদির
খেলা খেলব। স্বণর্ালী তার মুখটা আমার
বুকে লুকিয়ে বলল, আমার
লজ্জা লাগে তাছাড়া আমার জায়গাটা খুব
ব্যাথা করছে।
-
কোন জায়গাটা? - ও লজ্জা রাঙ্গা মুখে বলল
যেখানে তুমি কাল রাতে অত্যাচার
করেছে সেখানে এখন
না ভাইয়া পরে করো আমিতো কোথাও
যাচ্ছি না আমি তোমার
জন্যই থাকবো। - আমি আর ওর ওপর কোন
জোর না করে ওর ঠোঁটে, স্তন দুটিতে আদর
করে আমি নিজেই ওর ব্রা ও জামা পরিয়ে দিলাম।
আমি ও উঠে গোসল করে কলেজে চলে
গেলাম পরবতর্ীতে আরো অনেক মজার
ঘটনা আছে ভালো লাগলে বলবেন
তাহলে আপনাদের
জন্য লিখব। এটা সত্যি একটি বাস্তব
ঘটনা যা দুই একজনের ভাগ্যেই ঘটে।

বড় আপুর ভোদার জ্বালা Boro Apur Vodar Jala


এখন
থেকে আমাকে স্বদেশ ছেড়ে থাইল্যান্ডএ বোনের
সাথে থাকতে হবে।তবে তার জন্য কোন দুঃখ অনুভব
করছি না।কারন আমার
সাথে সেক্সি খানকি বোনটার সাথে থাকতে পারা।
সেতো ভাগ্যের ব্যাপার প্রায় ৪ বছর পর আমার
বড় বোনকে দেখব আমি।৪ বছর আগে থাইল্যান্ড
এর একটা পাঁচ তারকা হোটেলে চাকরি পেয়ে ও দেশ
ছেড়ে চলে যায়।আগে ও
বিমানবালা হিসেবে চাকরি করতো ওর সুন্দর
চেহারা এর সেক্সি ফিগারে এক থাই
বাবসায়ি পটে গিয়ে ওকে উনার হোটেলে চাকরির
অফার দেয়।ভাল বেতন আর উন্নত সুবিধা দেখে ও
রাজি হয়ে যায়। আমিও আমার
সেক্সি বোনটাকে চোখের পানিতে বিদায় দেই।
আমাকে অবশ্য সাথে নিতে চেয়েছিল।কারন
আমি না থাকলে ওর চোদার জ্বালা মিটাবে কে।
কিন্তু আমার পরীক্ষার কারনে আটকে গেলাম।৪
বছর খানকি টাকে চুদতে পারব না এটা ভেবে খুব
খারাপ লাগছিল।কিন্তু আমি নিরুপায়।বোনটা আমার
সামনে পাছা দুলিয়ে চলে গেল।কে জানে অই
বাবসায়ি আমার বোনের কি হাল করেছে।মনে হয়
এতোদিনে পোদ গুদ ফাটিয়ে একাকার করে দিয়েছে।
কিন্তু আমার মতো কি পারবে?আমার ৯”
লম্বা ধোনের ঠাপ যে খেয়েছে সেই জানে এর
মহত্ত্ব।আর বোন তো আমার ধন ভোদায়
না নিয়ে ঘুমাতে পারত না।আমিও ওর ভোদার রস
না নিয়ে ঘুমাতে পারত না।
আচ্ছা একদম প্রথম থেকেই বলি আপ্নাদের।খুব
কম সময় বাকি আছে বিমান থামতে।তার আগেই
পূর্বের ঘটনা বলে নেওয়া ভাল।৪-৫ বছর
আগে…………………বাবা মারা গেছে তিন মাস
হয়ে গেল।আমাদের মা ছোটবেলায় আমাদের
ছেড়ে চলে গিয়েছিলেন বাবার এক ম্যানেজার এর
সাথে।বাবা ছিল আমার দাদা-দাদির একমাত্র
সন্তান।একারনে আমরা দুই ভাইবোন একদম
একা হয়ে গেলাম।আমার বাবা ছিলেন শহরের একজন
নামকরা দচতর।টাকার কোন অভাব ছিল না।
বাড়ীতে কাজ করার জন্য একটা মেয়ে ছিল।বয়স
১৮/১৯ হবে।মাগির পুরা দেহ চরম সেক্স্য।বুকের
কাছে যেন উচু পাহাড়।মাগিটা ব্লাউজ এর
নিচে কোন ব্রা পরত না।তাই হাটলে ওর বুক
লাফিয়ে উঠত।এমনিতে ও নরমাল থাকলেও আমার
সামনে আসলে ইচ্চা করে বুকটা উচু করে দাঁড়াত।
আর ব্লাউজ এর বোতাম উপরের
টা খোলা রাখতো যাতে আমি ভালভাবে আমি ওর দুধ
দেখতে পারি।আমিও সুযোগ ছাড়তাম না।ঘর মোছার
সময় মাগিটা যখন ঝুকে পড়ত তখন আমিও চোখ
ভরে দেখে নিতাম।আর বাথ্রমে গিয়া মাগিটার
কথা ভেবে হাত মারতাম।এবার মূল কথাই আসি।
বাবা মারা যাওয়ার পর আমরা দুই ভাইবোন বিশাল
বাড়ীতে একাই থাকতে লাগ্লাম।আমি তাখন মাত্র
উচ্চ মাধমিক পাস করেছি। বোন তখন বিমানবালার
চাকরি করে।আমাদের যদিও টাকার অভাব ছিল
না তবুও আমার আপু সবসময় স্বাধীনভাবে কিছু
করতে চাইত।আমি বাবার মতো দেখতে লম্বা ৫ফুট
১১” বোন ছিল একদম মায়ের মত।কিন্তু বোনের
ফিগার মারাত্মক। যেমন পাছা তেমনি বিশাল মাই।
কামিযের উপর দিয়ে ফেটে বেরিয়ে আসতে চাই।
মনে হয় ধরে খেয়ে ফেলি,পাছাটা ফাটিয়ে দেই ধন
ধুকিয়ে।মাঝে মাঝে যখন গোসল
করে তয়লে পরে বেরিয়ে আস্ত,তখন
যা লাগে না ওকে!!!!! বাড়ীতে থাকলেই
আমি অপেক্ষায় থাকতাম ও কখন গোসল
করতে যাবে। গোসল থেকে বের হলে কোন
একটা অজুহাতে ওর ঘরে গিয়ে ওকে মন
ভরে দেখতাম।আমার বাইরের কাজ শেষ
হতে হতে বিকেল হয়ে জেত।এই সুযোগটাই আমার
খানকি বোনটা নিয়েছে। বাড়ীতে থাকলে সারা দুপুর
চাকরটাকে নিয়ে চোদন খেলায় মেতে থাকত।একদিন
তাড়াতাড়ি ফিরে বাসায় আস্লাম।আমার ঘরে ঢুকার
জন্য বাইরে থেকে আলাদা দরজা আছে।
আমি ঘরে ঢুকে ফ্রেশ নিলাম আগে। তারপর
আমি বাসার ভেতরে ঢুকে আমার কানে ফিস ফিস
শব্দ আসল।আমিও শব্দটাকে লক্ষ
করে এগিয়ে যেতে লাগলাম। বোনের ঘরের
কাছে আসতেই শব্দটা বেড়ে গেল।
সাবধানে নবটা ধরে দরজাটা একটু ফাক
করে ভিতরে তাকালাম।সাথে সাথে গায়ের লোম
একদম দাড়িয়ে গেল।দেখি আপু পুরা নঙ্গ
হয়ে মাথা বালিশে গুজে রেখেছে পাছাটা উচু করে।আর
আমাদের কাজের ছোট ছেলে বিলতু ওর ধনটা পিছন
দিক দিয়ে আপুর ভোদা ঢুকিয়ে আপুকে চুদছে।ওর
চোদার জোরে আমার সেক্সি খানকি আপু
বালিশে মুখ গুজে গোঙাসে।আর আমি তারি আওয়াজ
পেয়েছিলাম আর বিলতুর মাগি বোন মালা আপুর
একটা টুলে বসে আঙ্গুলি করছে আর
ভাইকে জোরে জোরে চুদার জন্য উৎসাহ দিচ্ছে।
আমার বোন চুপচাপ চুদা খেয়ে যাছে।আমি ভেবেই
পেলাম না কি করে আমার শিক্ষিত বোনটা চাকর
দেরকে দিয়ে চুদাচ্ছে।আপুর যেই চেহারা আর
ফিগার!!!!!!!!পরে বুঝলাম আসলে আমার আপু খুব
কামুকি।তাই বাইরে তো নিশ্চয় চুদা খাই রে।ঘরেও
যাতে অভাব না হয়,তার বাবস্থা করে রেখেছে।
আমার জন্য ভালই হবে।মাগিটাকে চুদার শখ
বহুদিনের তাই আর দেরি করা ঠিক হবে না।
আমি একদৌড়ে আমার ঘর
থেকে কামেরা নিয়ে এলাম।আর দরোজার
ফাঁকে রেখে পুরা ছবি ভিডিও করতে লাগলাম।
মালা খানকির দিকে তাকালাম। ওর শরীরে কোন
কাপড় নেই।ভদায় একটা আঙ্গুল
দিয়ে জোরে জোরে আঙ্গুলি করছে।
আপুকে জোরে ঝাপটে ধরে খুব জোরে চুদতে লাগলো।
বিলতুর শরীরটা কেঁপে কেঁপে উঠল।আর প্রায় দুই
মিনিট ধরে আপুর ভোদায় ধন দিয়ে সবটুকু মাল
ছেড়ে দিল।আপুও পা দুটো চেপে সবটা মাল ভোদায়
নিয়ে নিল।ওদিকে মালা মাগিটাও জ্বল
খসিয়ে এলিয়ে পড়েছে।
অইদিন রাতে আমি অপেক্ষা করতে লাগলাম কখন
বাড়ির সবাই ঘুমিয়ে পড়ে।এরপর আমি আমার প্লান
অনুযায়ী কাজ শুরু করে দিব। যখন দেখলাম সবাই
ঘুমিইয়ে পড়েছে তখন আপুর ঘরের দিকে তাকালাম।
দেখি আপু ওর পিসিতে সেক্সি মুভি দেখছে।আপুর
পরনে ছিল সাদা রঙের সেলওয়ার কামিয।কামিজের
ভেতর লাল ব্রাটা দেখতে পেলাম।বড় বড় মাই
কামিজ ফেটে বেরিয়ে আসতে চাইছে। কামিযের উপর
দিয়ে মাইয়ের
বোঁটাগুলো যে ফুলে রয়েছে তা দেখতে পেলাম।আপু
ওর একটা হাত
দিয়ে ভোদাটাকে চাপাচাপি করতে লাগ্ল।পুরা মুখ
লাল।ঘন ঘন নিঃশ্বাস ফেলছে।বুঝলাম আপু গরম
হয়ে আছে।এই সুযোগ!!!!!!!!!!!!!
আমি আপুকে ডাকলাম সেতো পুরো ভয় পেয়ে গেল।
আমি তার কাছে গিয়ে দাঁড়ালাম।আমি বললাম
এসো আমরা করি।আপু তো আমার
কথা শুনে অবাক। ও
রাজি হচ্ছে না দেখে আমি ক্যামেরাটা দেখালাম। ওত
দেখে বিস্ময়ে তাকিয়ে থাক্ল।আপু তবুও
করতে রাজি হচ্ছে না।আমাকে অনেক
ভাবে বুঝাতে লাগ্ল।এটা পাপ,এগুল করতে নেই।
কিন্তু আমি নাছোড় বান্দা।আজ কেই চুদেই ছারব।
বন যখন দেখল আর উপায় নেই।আমার
কথা শুনতে হবে।তখন হাল ছেড়ে দিল।
-আচ্ছা…… কুত্তা…… আই তাহলে চুদ তোর
বঙ্কে……চুদে হোর করে দে…… যদি সুখ
দিতে না পারিস তবে তোর …………
কেটে নেবো……
-এই তো আমার খানকি বোন
দেখনা তোকে কি চোদাটা দেই………আজীবন
ভোদায় ঢুকিয়ে ধনটাকে মাগি……
চেয়ার থেকে উঠে দাড়িয়ে খানকিদের
মতো ভঙ্গি করে আমার সামনে দারাল।
আমি আপুকে জড়িয়ে ধরলাম। ওর কমলার
মতো ঠোট দুটো মুখে নিয়ে চুছতে লাগ্লাম।আপুর
মুখ থেকে দারুন সেক্সি গন্ধ বের হচ্ছিল।আপু
আমাকে চুমু খেতে লাগলো। টের পেলাম ওর জিব
টা আমার মুখের ঢুকিয়ে দিয়েছে।আমার এতদিনের
স্বপ্নে দেখা পাছাটাকে টিপতে লাগলাম।আপু ওর
শরীর টা আমার গায়ে ঘষতে লাগ্ল।আমার
ধনটা এখন আপুর তলপেটে ঘষা খাচ্ছে।জামার উপর
দিয়েই আপুর গায়ে আমার
ধনটা দিয়ে ঘষা দিতে লাগলাম।আপুর নিঃশ্বাস ঘন
হচ্ছে ধীরে ধীরে। একটা হাত দিয়ে প্যান্টের উপর
দিয়েই ধনটা চেপে ধরল।প্লান আমার আগেই
করা ছিল।তাই যাতে সহজে খোলা যায় এই জন্য
ত্রউজার পরেই আপুর ঘরে গিয়েছিলাম।আপু আমার
গলা জড়িয়ে ধরে একটা পা উপরে উঠিয়ে কোমরটা
পেচিয়ে ধরল।ও এখন এক পায়ে দাড়িয়ে ।ফলে ওর
থাই দুটি আরও ফাক হয়ে গেছে।এতে আপুর থাইয়ের
চিপায় আমার ধনটা আটকে গেল।তাই আমার
ধনটা আপুর ভোদার স্পর্শ খুব
ভালোমতো পেতে লাগলো। ভোদার চেরাটা কিছু
অংশ ঢুকে গেল।আপুর ঠিক অই জায়গায় আমার গরম
লাওরা নিয়ে ঠেসে ধরে জোরে জোরে ঘষতে লাগ্লাম।
আপুর ভোদায় ধনটা কিছুক্ষণ ওইভাবে ঠাপ মারতেই
ওর ভোদা ভিজে গেল।বুঝলাম ব্লু ফ্লিম
দেখে এমনিতে গরম ছিল এরপর আমার গরম
ধোনের ছোঁয়া পেয়ে আর রুখতে পারে নি।জল
ছেড়ে দিয়েছে। কিন্তু জল খসাবার পর
আমাকে ছাড়ল না।
আস্তে আস্তে খেলাটা জমাতে লাগ্লাম।চুমুর
গতি আরও বাড়িয়ে দিল।আমাকে এক ধাক্কায়
বিছানায় ফেলে দিল।এবার আমরা ফ্রেঞ্চ কিস
করছিলাম।এরপর আমি আপুর কাপড় খোলার
দিকে মনোযোগ দিলাম।আপু হাঁটু উচু
করে আমাকে সাহায্য করল।কামিয টা খুলতেই আপুর
বিশাল দুধ আমার চোখের সামনে চলে এলো।এই
বয়সে আপুর এতো বড় দুধ দেখে আমি অবাক হলাম।
আপুর হাত টা উচু করেই রেখেছিল।তাই ওর বগল
টা দেখতে পেলাম।আমাকে ওর বগলের
দিকে তাকাতে দেখতে আপু আমার
মাথা টা ওখানে নিয়ে গেল।মুখ দিলাম ওর
সেক্সি বগলের মাঝে।প্রাণ ভরে আপুর বগলের
সেক্সি কামুক গন্ধ সুক্লাম।আপু একটু কেপে উঠল
বগলে মুখ পরাতে।চুস্তে লাগলাম আপুর বগল টা।
বুঝলাম আপু খুব মজা পাচ্ছে।এভাবে খানিকক্ষণ
আপুর বগল টা চেতে দিতেই ও খুব উত্তেজিত
হয়ে গেল। বোন আমার এক টান দিয়ে আমার
প্যানটা খুলে ল্যাংটা করে দিল।আমিও পাজামার
ফিতা খুলে দিলাম। ওর পরিষ্কার
ভোদা দেখে আমি হর্নই হয়ে গেলাম।কি করব
বুঝতে পারছিলাম না।আপু বলল মুখ দিতে।আমিও
সাথে সাথে ভোদায় চুমু দিতে শুরু করলাম।আপু
উত্তেজনায় চিৎকার করতে লাগল।
জিবটা ভরে দিলাম গুদের ভেতরে।হাত দুটিও
থেমে নেই। একটা হাত দিয়ে আপুর দুধ
টিপতে লাগলাম আর অন্য টা দিয়ে ওর থাই
কচলাতে লাগলাম।মুখ থেকে একটু থুতু ভোদায়
দিলাম।আপু যেন কামে ফেটে পড়বে এমন অবস্থা।
আপু আমার মুখে গুদ
টা ঘষতে ঘষতে গালাগালি দিতে লাগ্ল। ওর নিঃশ্বাস
ঘন হতে লাগ্ল।বুঝলাম জল ছাড়বে মাগিতা।তাই
একটা আঙ্গুল গুদে ঢুকিয়ে জিভটা চালাতে লাগলাম।
সারা দেহ একটা ঝাঁকুনি দিয়ে আপু আমার মুখে জল
ছেড়ে দিল।আপু ক্লান্ত হয়ে এলিয়ে পরল।
এদিকে আমার ধনটা টন টন করছে।আমি আপুর
বুকে উঠে ধনটা দিয়ে ওর দুধে বাড়ি দিলাম।আপু
হাস্তে লাগ্ল।আমি ওর মুখে আমার
ধনটা ঢুকিয়ে দিলাম।আপু খুব ভাল করে আমার
ধনটা চুচতে লাগ্ল।আমি ওর মুখেই ঠাপ
মারতে লাগলাম।ধনটা আপুর
মুখে ভীষণভাবে খাড়া হয়ে তেতে আছে।
আমি আপুকে বললাম গুদটা মেলিয়ে ধর।আমি এখন
তোমাকে চুদব।এবার আমি আমার ধনটা ধরে আপুর
গুদে ভরে দিলাম।আপু বুঝতে পারিনি যে আমার ধন
অনেক খানি ঢুখে জাবে।তবে মুখে কিচ্ছু বলল না।
আমি আপুকে চুমু খেতে খেতে চুদতে লাগলাম।অদ্ভুত
সেক্সি একটা অনুভূতি হতে লাগল।আপুও খুব
মজা পাচ্ছিল।তাই আপু খুব এঞ্জয় করছিল ওর
আপন ভাইয়ের চুদা।আমি আস্তে আস্তে ঠাপের
গতি বাড়িয়ে দিলাম আর আপুর
উত্তেজনা বাড়তে লাগল।এভাবে অনেকক্ষণ
ওকে চুদলাম। হটাত আমার শরীর কেপে উঠল।
আমি আর আপু এক সাথে মাল ছেড়ে দিলাম।আপু খুব
মজা পেয়েছিল সাথে আমিও।তারপর
আমরা এভাবে অনেকবার চুদাচুদি করেছি।
বাইরে চলে যাওর কারনে বেশি দিন ওর
সাথে থাকা হয়নি।

Tuesday, September 23, 2014

Bangla Choti কুত্তি চোদা স্টাইলে চোদা


Bangla Choti

আমি দ্বিগুন মনোযোগ দিয়ে ব্লোজব দিতে লাগলাম। রাব্বি আর নিজেকে সামলাতে পারল না । সব টুকু মাল ঢেলে দিল আমার মুখে আরও জোরে জোরে আমাকে চুদতে শুরু করে । মাত্র ৫ মিনিটের মধ্যেই আমাদের দুজনের একত্রে মাল আউট হয়

সকাল থেকে অজর ধারা বৃষ্টি, বৃষ্টির দিনে কাথার নিচে শুয়ে আছি। হটাৎ বান্দবির ফোন, ফোন রিসিভ করতেই বান্দবি বল্ল  মিতু তুই কোথায়, আজ আমার গায়েহলুদ তুই জানিস না আর তুই শুয়ে আছিস তারাতারি তর আম্মু কে নিয়ে আমাদের বাসায় আয়। মনে মনে ভাবলাম আম্মু কে নিলে আমার দিনটাই মাটি হবে তাই,  আম্মু কে বললাম এক বাসায় সবাই একদিনে চলে গেলে মানুষ খারপ বলবে তুমি কাল চলে আস আমি আজ যাই।  এরপর আমি তাঁরা তারি রেডি হয়ে আম্মু কে না নিয়ে সন্ধ্যায়  চলে গেলাম বান্দবির বাসায়। বান্দবির সাথে দেখা করতেই বান্দবি বল্ল তুই এত

Bangla Choti
দেরি করে এসেছিস তর জন্য একটা জিনিস সকাল থেকে রেডি করে রেখেছি।  আমি বললাম কি? বান্দবি বল্ল তুই কখনও ও্য়াইন খাস নাই তাই রাব্বি কে বলে তর জন্য একাটা এনে রেখেছি। আমি বললাম রাব্বি টা আবার কে? বান্দবি বল্ল তার ফুফাত ভাই। আমি বললাম- তারাতারি বল নিয়ে আসতে আমি এখনি টেস্ট করতে চাই?বান্দবি বল্ল এখানে সবাই দেখে বুজে যাবে তুই ও্য়াইন খেয়েছিস রাব্বি কে নিয়ে পাশের বাসায় চলে উখানে একদম খালি, যা আমি আসছি এক দুই ঘণ্টা পরে। আমিও না বুজে রাব্বি কে নিয়ে পাশের বাসায় চলে গেলাম, সেখানে গিয়ে রাব্বি বোতল খুলে আমাকে এক গ্লাস দিতেই আমি ডক ডক করে গিলে ফেল্লাম। আমি এরি মধ্যে বেশ হরনি হয়ে গেলাম। মনে হচ্ছিল রাব্বি যদি আমার গুদে একটু কিস করত। ওদিকে ওর ধোন ও প্যান্ট এর ভেতর থেকে বেরিয়ে আসতে চাচ্ছিল আমার পাছা আর থাই দেখে । আমিও পরিবেশ টাকে একটু গরম করার জন্য আমার মুখে একটু ও্য়াইন নিয়ে ওকে ঠোটে কিস করতে লাগলাম । রাব্বি আমার মুখের ভেতরের ওয়াইন টুকু খেয়ে ফেললো। এর পরে রাব্বি আমাকে ফ্রেঞ্চ কিস দিতে লাগলো। আর ওর একটা হাত আমার কোমর থেকে নামতে নামতে পাছায় গিয়ে থামলো। ও পাছায় চাপ দেওয়ার সাহস পাচ্ছিল না প্রথম প্রথম । কিন্তু যখন আমি ওর প্যান্টের উপর থেকে ধোনএর উপর হাত ঘোষতে লাগলাম তখন রাব্বি সাহস পেয়ে পাছায় জোরে একটা চাপ দিল। আমি একটু ব্যাথা পেয়ে উফ করে উঠলাম। আমার সেক্সি ভয়েসের উফ শুনে রাব্বি আমার জামা টা খুলতে লাগলো। আমার মাই দেখে রাব্বি ঝাপিয়ে পরল ব্রা না খুলেই । শুধু ব্রা এর ফিতা টুকু নিচে নামিয়ে মাইএর বোটা চুসতে শুরু করল। আমার তো তখন চরম সেক্স উঠে গেছে । আমি ওর প্যান্ট এর জিপার টা খুলে ওর ধোন টা হাতে নিলাম। হাতে নিয়েই বুঝলাম যে কম করে হলেও ৮ ইঞ্চি হবে। মনের আনন্দে আমি তখন হাত দিয়ে ওর ধোন খেচতে লাগ্লাম আর রাব্বি আমার দুধ চুশতে লাগল। আমরা দুজনেই তখন দাঁড়িয়ে ছিলাম। আমি সোফার উপরে বসে ওর প্যান্ট টা খুলে দিলাম । নিজের চোখে এত বড় ধোন দেখে আমার গুদে রস না এসে পারল না। আমি লোভ সামলাতে না পেরে ওর বলস চেপে ধরে ধোনের একদম আগা থেকে গোড়া পরযন্ত জিহবা দিয়ে সাপের মত করে চেটে দিলাম। তারপর পূরো ধোনটা মুখে মধ্যে পুরে নিয়ে শুরু করলাম ধুমসে চোষা।


Bangla Chot
আমার চোষায় রাব্বি আমার চুলের মুঠি ধরে অহ ইয়া…অহ ইয়া বেবি , আরো জোরে চোষ …এসব বলতে লাগল । আমি দ্বিগুন মনোযোগ দিয়ে ব্লোজব দিতে লাগলাম। রাব্বি আর নিজেকে সামলাতে পারল না । সব টুকু মাল ঢেলে দিল আমার মুখে । প্রথমে একটু অন্যরকম লাগলেও আমি ওকে খুশি করার জন্য পুরো মাল চেটে চেটে খেয়ে নিলাম। ভাব দেখালাম যে রাব্বির মাল খেতে খুব ভাল লাগছে। এরপরে ও আমাকে সোফার উপরে কুত্তি চোদা স্টাইলে বসিয়ে আমার গুদ চাটতে শুরু করল । সাথে সাথে এমন মন হল যে কেউ আমার শরীরে আগুন ধরিয়ে দিয়েছে। রাব্বি আইস্ক্রিমের মত করে আমার ভোদা চাটতে লাগল। আমি তখন সুখের চোটে রাব্বিকে খিস্তি করতে লাগলাম । চোশ কুত্তা , আমার গুদ ভাল করে চোষ…আরো জোরে চোষ…বল আমি তোর মাগি…অহ…।আআহহহহহহহহ করে জোরে জোরে চিৎকার করতে শুরু করলাম । আমার চিৎকার আর খিস্তি শুনে রাব্বির লেওড়াটা আবার খাড়া হয়ে গেল । রাব্বি আমাকে কোলে করে তুলে বেড রুমে নিয়ে এল। । আমি আবারও কুত্তিচোদা হয়ে বসলাম ওর ধেড়ে লেওরাটা গুদে নেওয়ার জন্য । ও আমার ভোদাটা দুই আঙ্গুল দিয়ে ফাক করে তাতে একদলা থুতু দিল। এরপরে রাব্বির ধোন টাকে গুদে ঘষতে শুরু করল। দুই তিন বার চাপ দেওওার পরে অর ধোন টা পুরো আমার গুদে পচাত করে ঢুকে গেল। আমি বেথায় আহ করে উঠলাম। প্রথমে কিছুটা ধীরে করলেও ও আসতে আসতে গতি বাড়াতে লাগল। জোরে জোরে ঝাকি দিয়ে ঠাপাতে ঠাপাতে রাব্বি পেছন থেকে আমার দুদু খামচি দিয়ে ধরে রাখলো। আমি তখন আহ আহ আহ…আরো জোরে ঠাপা আমাকে , আমি তোর রানডি…তোর মাগি কে তুই যেভাবে খুশি সেভাবে চোদন দেয়…এসব বলতে লাগলাম। প্রায় বিশ মিনিট গাদন খাওয়ার পরে রাব্বি আমাকে পজিশন চেঞ্জ করতে বলল। আমি ওর উপরে উঠে আর লম্বা , আখাম্বা ধোনের উপর বসে পরলাম। উপর নিচ করতে করতে আমার মাই দুটো ঝাকি খেতে লাগল। ও আমাকে কাছে নিয়ে মাই চুষতে লাগ্ল আর আমি ওর ধোনের উপর ওঠানামা করতে লাগলাম । রাব্বির ধোন আমার জরায়ুতে অনেক জোরে আঘাত করছিল তাই আমি জোরে জোরে আহ…আহ…করছিলাম। এভাবে কিছুক্ষন করার পরে আমার গুদ থেকে ধোন বের না করেই রাব্বি আমাকে জড়িয়ে ধরে ওর নিচে শুইয়ে দেয় । তার পরে শুরু করে মিশনারী স্টাইলে চোদা । আমি আমার পা দূটোকে একসাথে লাগিয়ে আমার গুদ টাকে আরও টাইট করে ফেলি । ও আরও জোরে জোরে আমাকে চুদতে শুরু করে । মাত্র ৫ মিনিটের মধ্যেই আমাদের দুজনের একত্রে মাল আউট হয়। কি যে ত্রিপ্তি বৃষ্টির রাতে পেয়েছিলাম তা  এর দর্শকদের লিখে বুঝানো যাবে না । বৃষ্টির টাপুর টুপুর শব্দ যেন আমার উপরে পরছে। বৃষ্টির পানিতে ভেসে গেল আমার সবকিছু কাউকে কিছু বলতে পারি নি তাই যখন বৃষ্টি পরে মন চায় বৃষ্টিতে গিয়ে কেদে সবাই কে বলি দয়া করে কেউ আমার মত আবেগে কিছু করনা,  পিতা-মাতা কখনু তাদের ছেলে মেয়ের অমজ্ঞল চায় না যদিও ভুবা কিংবা কালো কিংবা খারাপ হোক।

Sunday, September 21, 2014

শাশুড়িকে চুদা Sasuri K Chodar Golpo Bangla Choti


শাশুড়িকে চুদা Bangla Choti Golpo In Bangla Font

দু হাতের আঙ্গুল দিয়ে ফাঁক করে দিলাম গুদের চেরা , তারপর লম্বা জিভ ঢুকিয়ে দিলাম গুদের কঠোরে , অনেক দূর অব্দি , বের করে নিয়ে আবার ঢোকালাম এবার আমি সুমনাকে আমার কলে নিয়ে বিছানা গেলাম আর জামাইবাবু শাশুড়িকে নিয়ে ব্যস্ত হলো. কাকিমা জামাইর মুখের কাছে পাশাতা নাচাতে থাকে. প্রকাশ হাত বাড়িয়ে শায়ার দড়িতে টান মারে আর দড়িটা খুলে দায়ে. কাকিমা ছোট করে সায়াতা ধরে ফেলি যাতে পরে না জয়ে. এবার ওই লুস সায়াতা নিয়ে নাচতে নাচতে কাকিমা ঝোপ করে সায়াটা ফেলেদে. কাকিমা ওই লেসএর পান্টিতা পরেছিলাম যেটা থেকে গুদতা বেশ প্রমিনেন্তলি বোঝা জয়ে. প্রকাশ তো জোরে জোরে লাওরাতা ঘষছে জাঙ্গিয়ার ওপর দিয়ে. ওই লুস ঝুলন্ত blouse আর পান্টিতে অর সামনে শাশুড়ি পাশা আর কমর দোলাতে থাকি. জামাইর দিকে পাশা করে ঝুঁকে পেছন থেকে রীতা কাকিমা পাশার ফাঁকতা দেখায়. . পান্টিতাতো একদম পুটকির সাথে লেগেছিল আর পাশার গালগুলো প্রকাশের সামনে মেলে ধরলো. এরম কিছুখন রীতা কাকিমা পাশা অর মুখের সামনে দোলাতে দোলাতে ব্লাউসতা টেনে খুলে ফেলে দে. তখন শুধু ব্রা আর পান্টিতে শাশুড়ি. জামাই রীতা শাশুড়িকে জপতে ধরে অর ঠোঁটে ঠোঁট লাগিয়ে দিয়ে চুমু খেতে লাগলো. সন্ধ্যার সময়ে রীতা মাগীকে দেখেছিলে তো? যা একখানা ব্লাউস পরেছিলো ..একদম হাফ মেনাগুলো বের করা আর তারপর আবার অলমোস্ট ট্রান্সপারেন্ট ভেতরের ফ্লোরাল প্রিন্টএর লাসি ব্রাতো পুরো দেখা যাছিল আর তার ভেতর থেকে প্রমিনেন্ট বনটা দুটো. আমি পার্টিতে রীতা কাকিমাকে giye অর ব্লাউসএর ওপর হাত বুলিয়ে এসেছি. শাশুড়ি আর থাকতে না পেরে জামাইকে জপতে ধরে কিস করতে থাকে জিভ দিয়ে. জামাই রীতা কাকিমার ব্রা ওপর থেকে ওর ডাবের মত প্রকান্ড মেনাগুলোকে টিপে ধরে আর ঘাড়ে আর চুলের খোপাতে কিস করতে থাকে. কিছুখন কিস করে শাশুড়ির পিঠে হাততা নিয়ে ব্রার হোকগুলো খুলে টান মেরে ব্রাতা ফেলে দিলো. এদিকে শাশুড়ির নারিকলের মত মেনাদুটো শক্ত আর বনটা দুটো ফুলে ঢোল হয়ে আছে. ততক্ষণে প্রকাশ সত করে শাশুড়ির মেনাতে মুখ ঢুকিয়ে দিলো. এদিকে শাশুড়ির পান্টিতো ভিজে চপচপ করছে. ওদিকে আমি জাঙ্গিয়া নাবিয়ে পুরো লাংত হয়ে শুয়ে শুয়ে জামাই সাশুরির মজা দেখছি, আর সুমনা আমার শক্ত বাড়াতা মুখে নিয়ে আইসক্রিইমএর মত চুষছে. প্রকাশ হাত বাড়িয়ে সাশুরির পান্টির ভেতরে চালান করলো আর গুদএর ওপর খামচে ধরলো. আর এর মধ্যে জামাই রীতা কাকিমার একটা বনটা চুষছে আর অন্যতা হাত দিয়ে আর একটা মেনা টিপসে. এবার সুমনা এগিয়ে গিয়ে মার গুদ খামচে ধরসে আর গুদের বালগুলোর ভেতরে আঙ্গুল ধকাছে. বুঝলাম এবার কাকিমার গুদ খসবে. জামাই তারাতারি সাশুরির গুদ চেপে ধরে. হঠাত বুঝলাম রীতা মাগী ‘আআহ… আহআঃ.. অরেবাবা.. লখি জামাই আমার … আআহ.. আমার খসছে ..আমি গেলাম… আআঅহ….” করে পুরো শরীরএ কাঁটা দিয়ে উঠলো. প্রকাশ সাশুরির রসএর গন্ধ পেয়ে মেনা ছেড়ে রস চটতে শুরু করলো. কিছুখন চেতে, প্রকাশ টেনে সাশুরির পান্টিতা নাবিয়ে পুরো উলঙ্গ করে দিলো কাকিমা শেষ অব্দি বিছানাএ উঠে জামাইর উপর উঠলো. জামাই বললো “কিরে শাশুড়িমা, গুদের সুরসুরি সহ্য করতে পারস না, আমি তোমার তিন নম্বর ভাতার, এসো আমার লাউরার গাদন খাও”. সুমনা হাসে বললো – কিরে খানকি মাগী রেন্ডি মা …আর না চুদিয়ে থাকতে পারছিস না …তাইনা? যা আমার বরের লাউরার ওপর চড়ে গাদন খা ভালো করে. আমি তোমার দুই নম্বর ভাতারকে দিয়ে চোদাই. কাকিমা তারাতারি করে জামাইর পাশে গিয়ে অর লাউরার দিকে তাকালো. দেখি জামাইর লোহার মত শক্ত হয়ে আছে আর সুপুরি (লাউরার মাথা) থেকে রস গরাছে. কাকিমা পা দুটো ফাঁক করে অর লাউরার ওপর পুরো বসে পরলো. আমি জানি এরকম excited হলে কাকিমার গুদ কিরম ফাঁক হয়ে জয়ে. তখন তো রীতামাগী ঘোরার লাউরাও ভেতরে ঢোকাতে পারে. কাকিমা লাউরাতা গুদএ নিয়ে কিছুখন অর ওপর চুপচাপ শুয়ে কিস করতে থাকলো আর লাউরাতাকে ভালো করে চেপে ধরলো গুদ দিয়ে. প্রকাশের লাউরাতা নিচের দিকতা খুব মোটা. শাশুড়ির গুদের ঠোঁট দুটো পুরো stretched হয়েছিল অর বাঁশের মত লাউরাতা নিয়ে . জামাই আর শাশুড়ি তখন জিভ দিয়ে খেলা করছে মুখের ভেতরে . বিছানার পাশে তখন already সুমনা আর আমার খেলা চালু হয়ে গাছে. আমি নিজের বাল শাভে করে এসেছি আর সুমনা ওকে চুসে চলেছে. আমি আনন্দে সুমনার সিল্কি চুলে হাত বলাছি আর মুখ দিয়ে আহআহ্হ্ছাআআহ বলছি,সুমনা এখন২৮ বছরের পাকা মাগী, অর বাড়া চুষা style অর মার মতই————- ………………… আমার নাম প্রবীর গাঙ্গুলি, একজন advocate , বাড়ি কলকাতাএ ….আমার বন্ধুর নাম প্রকাশ গুপ্তা. কলকাতার এক ভদ্রলোক, অনেক বড় buisnessman …প্রকাশ গত ২ বছর আগে বিয়ে করছে কলকাতার নামী গায়িকা মিসেস রীতা সেনর মেয়ে সুমনা সেন কে. আজকে সুমনার ২৮ তম বার্থ ডে ছিলো..তাই বাড়ি তে মিসেস রীতা সেন পার্টি রেখেছিল. আমি প্রকাশের বন্ধু হওয়া জন্য এই পার্টি তে গেসিলাম. সুমনার বাবা নেই..কিন্তু মিসেস রীতা কলকাতার এক নম্বর হাই ক্লাস মাগী …অনেক বড় বড় বিসনেস মেন আর কর্পরেট লোক গুলো মিসেস সেনের বাড়িতে নিমন্ত্রণ পায়… আজকে রীতা কাকিমার ৪৯তম বার্থ ডে. তাই সকাল থেকে কাকিমা ব্যস্ত ছিলেন. নিউ মার্কেটে গিয়ে নতুন ব্রা আর প্যান্টি সেট নিয়ে আসলেন. সুমনার শরীর খারাপ তাই আসতে পারবো না মার পার্টি তে. প্রকাশ সন্ধ্যার সময় আসে পড়লেন. কালিং বেল টিপতে কাকিমা নিজে এসে দরজা খুলে দিলেন. মেরুন কলর এর একটা গাউন পরেছিলেন উনি . আমাকে invite করলেন ভিতরে আসার জন্য. আমি ঘরে ঢুকতে কাকিমা বললো- এসো, প্রকাশ সন্ধ্যার সময় পৌছে গেছে. ড্রইং রুমে দেখলাম একটা বার্থ ডে কেক একটা বড় centre টেবিলে . তার পাশে একটি নামী কোম্পানির হুইস্কি বটল রাখা. আর ৩ তে খুব সুন্দর কাছের গ্লাস . কাকিমা আমাকে হাগ করে দুধ দুটো আমার বুকে হেসে ধরলেন আর আমার মুখে কোলাকুলি করলেন. ‘হ্যাপি বার্থ ডে’ রীতা ডার্লিং …কাকিমা বললো- আগে আমার গিফট দাও ..আমি কাকিমার হাত তা নিয়ে আমার পান্টের উপর দিয়ে আমার গরম বারাটা স্পর্শ করলাম. কাকিমা- কিরে তোর বাবা তো already খাড়া. কাকিমা হাসতে লাগলো. সোফায় বসে আসে প্রকাশ, কাকিমার সুযোগ্য জামাই বাবু. মনে হলো খেলা শুরু হয়ে গেছে. কাকিমা গিয়ে জমির কোলায় বসলো আর হেসে বললেন – কি … একটু drink করবে নাকি ? আমি বললাম – হা , cholte পারে . জামাই বললেন – এসো, আমি সুরি করে দিয়েছি কিছু আগে, কাকিমা কিত্ছেন থেকে কিছু ice cube নিয়ে এলেন আর কিছু snacks . Cheers বলে আমরা drinks শুরু করলাম . হালকা কথা বার্তা চলতে থাকলো . তারপর দেখলাম কাকিমা উনার বেডরুমের দিকে গেলেন আর সেখান থেকে প্রায় ৭ -৮ তা পাক্কেত নিয়ে এলেন . সামনে আসতে বুজতে পারলাম এগুলো ব্রা আর পান্টির সেট . কাকিমা বললো – এই design গুলো সুমনা পাঠিয়ে দিয়েছেন জামাইর হাতে. তোমরা দুজনে decide করো এগুলো চলবে কিনা . প্রকাশ- শাশুড়ি মা, তোমার আর সুমনার choice এর উপর তো কিছু বলার নেই. কাকিমা – তোমাদের চোখে যেটা sexy বলে মনে হবে , সেটাই ঠিক choice . আমি – হা সেটা ঠিক, কাকিমা . এরপর আস্তে আস্তে প্রত্যেক টি পাকেত খোলা হতে থাকলো . এত erotic আর sexy lingerie দেখে আমি রীতিমত ঘামতে আরম্ভ করেছিলাম . এর মধ্যে জামাই বাবু একটি ব্রা হাতে নিয়ে কাকিমার দুধে লাগিয়ে বললেন – এটা বেস্ট . দেখলাম অদ্ভুত ভাবে বানানো সেই set টি . ব্রার size 42DD . ব্রা এর পুরোটাই ব্লাক সাটিন কাপড় দিয়ে তৈরি করা , খালি বোনটা section দুটো ব্লাক নেট দিয়ে কভার করা . পেন্টি তাও অনেকটা G-string টাইপের , তবে ঠিক গুদের কাছ তাও একইরকম নেট দেওয়া . আমি একটা সেট নিয়ে নাকে নিয়ে গন্ধ নিতাম. জামাই বললো – শাশুড়ি মা, display দেখতে পেলে ভালো হত. কাকিমা- অসব্য, কোথাকার ! কি যে বলসো, আমি তোমার শাশুড়ি. আমি সবাই মিলে হেসে পরলাম. প্রবীর কি বল- প্রকাশ আমার দিকে তাকিয়ে বললেন. আমি কিছু বলার আগেই প্রকাশ কাকিমার বাতাবি লেবুর মত দুধ দুটো টিপে মুখ তা দুধে ঢুকিয়ে দিলো. কাকিমাকে আজ অনেক sexy দেখসিলেন, shampoo করা সিল্কের মত চুলএর খোপা মাথার উপরে, কপালে একটা বিরাট টিপ. আর গাউনের নিছে কালো ব্রা পান্টি.কাকিমা এলেন. ভিতরে এই erotic সেট তা পরা থাকলেও উপর থেকে Gown চাপানো ছিলো. প্রকাশ একটু গরম হয়ে ওর শাশুড়ি কে বললেন – লাইট তা একটু ডিম করে দাও শাশুড়ি মা , তখন সে জমবে. কাকিমা লাইট তা ডিম করে বললেন – এত তারাতারি কিসের ? আগে আরো একটু ড্রিঙ্কস হয়ে যাক , আফটার অল আমার মত এক হস্তিনী মাগীর ফিগার দেখার জন্য কিছু অপেক্ষা দরকার . আমি গম্ভীর হয়েই বললাম – আমি রেডি কাকিমা. কাকিমা একটা গ্লাসে আরো এক পেগ হুইস্কি ঢেলে আমার দিকে দিয়ে বললেন – ও ! প্রবীর আমার সোনা গুদের স্বামী !! খুব সখ না ? প্রকাশ তার ড্রিঙ্কস এক চুমুকে শেষ করে দিয়ে বললেন – তোমার মত হস্তিনী শাশুড়ি পেয়ে আমি ধন্য, আমার লাওরা খাড়া হয়ে গেছে. এমন ভাবে কথা বার্তা চলতে চলতে আরো ২ -৩ পেগ খাওয়া হয়ে গেল . শরীরও বেশ গরম হয়ে উঠেছে , সাথে বাড়ছে যৌন উত্তেজনা , কথা বার্তা ও অসংলগ্ন হয়ে পরেছে . কাকিমা খুব কামুক চোখে আমার দিকে তাকিয়ে বললেন – কি প্রবীর !! আজকে আমার বার্থ ডে তোমরা দুই জনের নামে..আমার এই পরন্ত শরীরের ক্ষুধা মিটিয়ে দাও. কাকিমা হঠাত আমার পান্টের উপর হাথ দিয়ে বাড়া তা চিপে ধরে বললেন – তাই বুঝি !! তাহলে তো এবার দেখাতেই হয় . বলে stripper এর মত খুব আস্তে আস্তে অনার gown তা খুলে ফেললেন . আধ আলো আধ ছায়া তে কাকিমার ওই পেলাব শরীর দেখে হা হয়ে গেলাম . জামাই বললেন – wow শাশুড়ি মাগী আমার……….. কাকিমা আমাকে ইশারা করে জমির সাথে বসতে বলে, সেন্টার টাবুল তা সরিয়ে রাম্পের মডেল দের মত কোমর দুলিয়ে দুলিয়ে slowly catwalk শুরু করলেন. নেসাগ্রস্ত চোখে মাদকতায় ভরা কাকিমার বুকের খাজ , চর্বিযুক্ত মাংসল পেট আর সুগভীর নাভী..তাইত পান্টির উপর ফুলে থাকা গুদের ভাজ , মাংসল পাশার দুলুনি , আমায় উত্তেজনার শেষ শিখরে পৌছে দিল . ব্রা এর নেট লাগানো জায়গা থেকে অনার মাই এর বোনটা দুটো স্পস্ট বোঝা যাচ্ছিলো. মনে হচ্ছিলো পাগলা কুকুরের মত বোনটা দুটো কামড়ে কামড়ে চিরে খেয়ে ফেলি . প্রকাশ আস্তে আস্তে পান্টের জিপ খুলে underwear এর ভিতর থেকে বাড়া তা বের করে এক হাত দিয়ে slowly masturbate করতে আরম্ভ করেছেন . কাকিমা সেটা দেখে থমকে দাড়ালেন . হেসে বললেন – জামাই বাবু, মাল তা বের কর না এখন, আমাকে সুধু দেখো……….বলে সেন্টার টাবুল তা কাছে টেনে তার উপর বসলেন . দু হাত দিয়ে support দিয়ে আর পা দুটো সেন্টার টাবুল এর উপর তুলে নিজেকে একটু পিছন দিকে হেলিয়ে দিয়ে হাটু দুটো জোড়া করে বসলেন . তারপর আস্তে আস্তে হাটু দুটো ফাঁক করে আবার জোড়া করে দিলেন . এক ঝলক কাকিমার পেন্টির দিকে চোখ পরতেই রক্ত গরম হয়ে গেলো. তারপর আবার slowly হাটু দুটো ফাক করে খুব আস্পুত স্বরে বললেন – comn on গাইজ , এখানে দেখ . প্রকাশ ওর শাশুড়ির পেন্টির নেট লাগানো জায়গায় চোখ রেখে আগের থেকে বেসি স্পীড এ masturbate করতে থাকলেন . আমি সোফা থেকে নেমে পরলাম , হাটু মুরে বসে আস্তে আস্তে নাক তা পেন্টির কাছে নিয়ে গেলাম . হালকা sodate টাইপের গন্ধ নাকে এলো , বললাম – ও কাকিমা , এই গোন্ধ তে আর থাকা জানা রে..মাইরি..আমার সোনার কাকিমা..কাকিমা আমার দিকে তাকিয়ে বললো – তুমি শুধু দেখো আমাকে এই পান্টি তে কেমন লাগছে . আমি পান্টির নেটিং উপর দিয়ে ওনার গুদের চেরাই আস্তে করে আঙ্গুল বলালাম. উনি চমকে উঠলেন, বললেন -এই-এই প্রবীর আমার গুদের ভাতার কি করছ ? আমি ওনার গুদের চেরাই আঙ্গুল ঘসতে ঘসতে বললাম, – দেখসি কুয়ালিটি তা কিরকম .বলে খুব জোরে জোরে গুদের ছেড়ার মাজখানে আঙ্গুল ঘসতে থাকলাম .মিসেস সেন উত্তেজনায় ককিয়ে উটে বললেন – উফফ…U বাস্টার্ড !! বলে আমার চুলের মুঠি ধরে অনার গুদে চেপে ধরলেন , তারপর আদেশের সুরে বললেন – Suck it hard. খাও , আমার গুদ খাও তুমি বানচোদ প্রবীর . খেয়ে শেষ করে দাও আমাকে . আর নিজেকে ধরে রাখতে পারলাম না . ঝাপিয়ে পরলাম মিসেস সেনের গুদের উপর . জোর করে পান্টির নেটিং চিরে ফেললাম . মিসেস সেনের নগ্ন গুদের চেরা আমার কাছে স্পষ্ট হলো . দু হাতের আঙ্গুল দিয়ে ফাঁক করে দিলাম গুদের চেরা , তারপর লম্বা জিভ ঢুকিয়ে দিলাম গুদের কঠোরে , অনেক দূর অব্দি , বের করে নিয়ে আবার ঢোকালাম , মিসেস সেনের চর্বিযুক্ত তলপেটের মাংস থর থর করে কেপে উঠলো . উনি দু হাত দিয়ে আমার মাথা থেসে ধরলেন গুদে . আমি দাঁত দিয়ে সজোরে কামরাতে লাগলাম অনার গুদের 

Friday, September 19, 2014

বন্ধুর মায়ের পাছা চুদে Mayer Pasa Choda Choti



মানুষ জন্ম থেকে মৃত্যু পর্যন্ত সুধু অপেক্ষার মধ্যে থাকে….অনেক সময় অপেক্ষা করার পর তাদের চাওয়া পূরণ হয়….আমার জীবনের একটি অপেক্ষার মধ্যে ছিল সেক্স করার অপেক্ষা…পর্ন মুভি দেখতে দেখতেই এ আশা ধীরে ধীরে আরো গারো হতে থাকে…কিন্তু আমার এই অপেক্ষার অবসান যে এত তারাতারি হবে তা কখনো ভাবিনি…আশা এবং অপেক্ষা পূরণের মূলে ছিল আমার বন্ধু নিরবের মা….ওর বাসায় যাওয়ার সুত্র ধরেই ওর মায়ের সাথে পরিচয় হয়…মহিলার বয়স ৩৫ হবে…কিন্তু দেহটা চিও খুবই আকর্ষনীয় …আকর্ষণের মূলে ছিল ডাবের মত বড় বড় সাইজের দুটি মাই আর তরমুজের মত পাছা…ঘরে মেক্সি পরতেন….হাতার সময় পাছা দুলিয়ে দুলিয়ে হাটতেন..আর বুক করে রাখত টানা…আর উনার দৃষ্টি ছিল খুবই কামুক প্রকৃতির…সব সময় হাসি-ঠাট্টা করতেন..আমার কথা শুনতে উনার খুবই ভালো লাগত… উনার দিকেও আমার ছিল খারাপ একটা দৃষ্টি…কিন্তু উনার দৃষ্টিতে কোনো কিছুর অভাব ছিল…কোনো আশা অপূর্ণ ছিল … আমার মত এক বয়সের ছেলের কাছে উনাকে আকর্ষণ করাটাই স্বাভাবিক….কিন্তু বন্ধুর মা বলে উনাকে আমার মাথা থেকে ঝেড়ে ফেলতে চেষ্টা করি…উনার একটি মাত্র ছেলে,নিরব….আমরা সবে ssc দিয়ে রেসাল্ট এর জন্য অপেক্ষা করছিলাম…..আমার জীবনের সবচেয়ে আনন্দের এবং অপেক্ষা অবসানের ঘটনাটি ঘটে সেদিন…সেদিন ছিল সোমবার…আমি নিরবের বাসায় গিয়ে দেখি বাসায় কেউ নেই…আন্টি একটা….উনার পরনে ছিল আমার সবচেয়ের পছন্দের মেক্সি…হাতা ছোট..গলার দিকে একটু বড়…উনি কখনই ব্রা পরেন না…ডাবের মত ম্যানা সব সময় আমায় ইশারা করে ডাকে…তো সেদিন উনি ব্রা পরেন নি…গলার দিকে সবকয়টা হুক ছিল খোলা…মইয়ের উপরের অংশটা দেখা যাচ্ছিল…আমার চোখ বার বার ওদিকে যাচ্ছিল…আমি কথা বলার সময় উনার মাইয়ের দিকে তাকিয়ে কথা বলছিলাম…আর কথা বলার সময় অনন্য মনস্ক হয়ে যাচ্ছিলাম…মাই থেকে চোখ সরাতে পারছিলাম না….আমি যে উনার মায়ের দিকে তাকাচ্ছি বার বার এটা অনেকবার অনার চোখে পরেছে…মাই থেকে চোখ অনেকবার সরে সরে গুদের দিকে চলে যাচ্ছিল…উনার চোখের কামুক চাওনি আমায় আরো পাগল করে দিতে থাকে….আমার সোনা ফুলে প্যান্ট উচু হয়ে যায়..আর আমি বার বার হাত দিয়ে নিচের দিকে নামাতে থাকে…এ বেপ্যারটিও আন্টির চোখে পরে….আমি বললাম–
আমি : আন্টি, নিরব কই?
আন্টি : ও তো ওর বাবার সাথে মার্কেট এ গেছে…আমাকে বলেছে তুমি আসলে যেন বসতে দেই…
আমি : বাজে মাত্র ১১ টা..আসতে আসতে তো মনে হচ্ছে দেরী হবে….
আন্টি : টা তো একটু হবেই….তুমি বস….আমি চা দেই…নাকি অন্য কিছু খাওয়ার ইচ্ছা হয়?
আমি : না না আন্টি..আমি কিছু খাব না..পেট ভরা…
আন্টি : অনেক কিছু আছে পেট ভরা থাকতেই খেতে হয়…টিপে টিপে,চুসে চুসে,কামড়ে কামড়ে….খেতে ইচ্ছা করে….???
(আমি স্পষ্ট বুঝতে পারছিলাম উনি কি মিন করেছেন )
আন্টি : যা হোক..বস আমি চা বানিয়ে আনি…দুধ চা…নাকি…তারপর তোমার সাথে গল্প হবে…তুমি বস…
(আগের দিন কম্পিউটার এ পর্ন মুভি দেখে আমার সেক্স করার ইচ্ছা ছিল চূড়ান্ত পর্যায়… আন্টি রান্না ঘরে গেলেন চা করতে….গুন গুন করে গান করছেন…আমি আমার খারাপ ইচ্ছা আর ধরে রাখতে পারলাম না..আমার সোনা বাবাজির ও নরমাল হওয়ার কোনো খোজ নেই…বিশেষ করে আন্টিকে দেখে বেরিয়ে আসতে চাইছে…আন্টির মনের যত আশা,আকাঙ্খা,ইচ্ছা,কামের জ্বালা সব নিভিয়ে উনাকে পরম শান্তি দেয়ার কথা মাথায় চলে আসল..আমার এত দিনের আসাটাও পূরণের একটা বিরাট সুযোগ..আমি ভালো-মন্দ গেন হারিয়ে আমার আশা পূরণে মগ্ন হয়ে পরলাম…আমি উঠে গিয়ে দরজা চেক করে আসলাম…ভালো ভাবে সব লক করে দিলাম….তারপর রান্না ঘরের দিকে এগিয়ে গেলাম…দেখি আন্টি দাড়িয়ে দাড়িয়ে চা বানাচ্ছেন আর গুন গুন করে গান গাইছে….আমি সরাসরি গিয়ে কাপড়ের উপর দিয়ে আন্টির তরমুজের মত পাছার খোজের মধ্যে হাত রাখলাম..হাতের তালু দিয়ে পাছা চেপে ধরলাম আর মধ্যমা আঙ্গুল পাছার খোজের মধ্যে ঢুকিয়ে পাছা চাপতে লাগলাম…আন্টি আমার দিকে মাথা ঘোরালেন… )
আন্টি : বাব্বা !!! প্রথমেই পাছার মধ্যে হাত…কেন….আন্টির অন্য কিছু পছন্দ হয় না???
(আমি পাছার মধ্যে অনবরত হাত চালাতে থাকি আর আন্টির ঘাড়ে চুম খেতে থাকি…আর আন্টি উনার ডান হাত দিয়ে আমার সোনার উপর রেখে ঘসতে থাকে
আন্টি : আঃ..হয়ছে..সর দেখি..চা বানাতে দাও…এত দিন পরে আন্টির মনের কথা বুঝতে পেরেছ….
(আমি আন্টিকে আমার দিকে ঘুরিয়ে দুই হাত দুই মাইয়ের উপর রেখে চাপতে থাকি…আন্টি সেই কামুক দৃষ্টিতে আমার দিকে তাকিয়ে দাত দিয়ে ঠোট কামরাতে থাকে..আমি মেক্সি কাচতে কাচতে উনার গলা অব্দি উঠালাম…তাপর মাইয়ের কালো রঙের শক্ত বোটা মুখে পুরে চুষতে থাকি…উনার মাই ছিল আমার মনের মতই…এত বড় বড় মাইয়ের মালিকিন হতে পারাটাও ভাগ্যের বেপ্যার…আমি ডান বা করতে করতে কামড়ে কামড়ে মাইয়ের বোটা চুষতে থাকি…এক হাতে চাপতে থাকি আর আরেক হাতে চুষতে থাকি…সুধু বোটা নয় চেটে চেটে পুরো মাইটাই ভিজিয়ে দেই…আমি চুক চুক করে উনার মাই চুষতে থাকি.. )
আন্টি : এই আসতে আসতে খাও না…মাইয়ে দুধ চলে আসবে তো…
আমি : আসুক না..আমি সব খেয়ে নেব..
আন্টি : ইশঃ সখ কত…এত দিন ধরে আমার মাই গুলোকে কত কষ্টই না দিয়েছ…আর এখন এসেছে…সত্যি সত্যি যদি দুদ চলে আসে না…পুরো টা না খেয়ে যেতে দেব না…ইশ..এত করে বলছি একটু আসতে যদি খায়..
(আন্টি উনার মাই থেকে আমার মুখ সরিয়ে নিয়ে হাত ধরে উনাদের বেড রুমে নিয়ে গেলেন… দরজা লাগিয়ে দিলেন….তারপর বিছানার উপর শুয়ে মেক্সি কোমর পর্য্যন্ত কেচে দুই উরু দুই দিকে ফাকিয়ে দিয়ে বললেন )
আন্টি : নাও..যা করার কর …তোমার বন্ধু চলে আসার আগ পর্যন্ত সময়…..
আমার সামনে প্রকাশিত হলো বহুল প্রতিক্ষিত মেয়েদের গুদ….গুদের মধ্যে চুল ছিল …চুলের মাঝখানে একটি ছেদ্যা…ছেদ্যাটি বেয়ে বেয়ে পাছার ফুটোর সাথে এসে মিশেছে.. গুদের মধ্যে ঠোট ছিল…অনেক মেয়েদের ঠোট হয় অনেকের হয় না…উনার বেলায় ছিল…উনার দুই উরুর মাঝখানে গুদ্টা দেখতে অনেক সুন্দর লাগছিল …আমি আসতে আসতে করে আমার আঙ্গুল উনার গুদের ছেদ্যার মধ্যে নিয়ে রাখলাম…..গুদটি ছিল খুবই নরম এবং গরম..বল গুলো তেমন বড় ছিল না..আর খুবই মসৃন বাল …আমি ছেদ্যার মধ্যে আঙ্গুল রাখতেই আমার আঙ্গুল ভিজে যেতে থাকে…আমি বুঝলাম একেই কামরস বলা হয়…আমি আঙ্গুল গুদের মধ্যে ঢুকিয়ে নাড়াতে থাকলাম…উনার গুদের মধ্যে আমার পুরো আঙ্গুল ঢুকাতে কোনো সমস্যাই হলো না…আমার আঙ্গুল ঢুকিয়ে খিচতে থাকি তারপর মধ্যমা আঙ্গুল গুদের মধ্যে ঢুকাতে থাকি আর বের করতে থাকি …তারপর মাটিতে বসে আমার মুখ উনার গুদের উপর নিয়ে রাখলাম..উনার গুদের ঠোট আমার মুখে ঢুকিয়ে চুষতে থাকি..গুদ চোষার কোনো পূর্ব অভিজ্ঞতা না থাকলেও জীবনের প্রথম গুদ চোষার কাজটা করতে কোনো সমস্যা হলো না…আমি আমার উনার গুদের ছেদ্যার দুই দিকে হাত রেখে টান মেরে ফাক করে জিব্বা গুদের ভিতরে ঢুকিয়ে চেটে চেটে খেতে থাকি…আমার জিব্বায় গরম অনুভব করতে থাকি….উনার নোনতা নোনতা কামরস চেটে খেতে খুবই ভালো লাগছিল…জিব্বা প্রায় অর্ধেকটা সূচল করে গুদে ঢুকিয়ে কামরস খাচ্ছিলাম…উনি সুধু আহ আহ মাগো আহ আহ আওয়াজ করতে থাকেন…এক পর্যায়ে জিব্বা গুদের উঅপর রেখে বাল সহ পুরো গুদ্টা চেটে দিতে লাগলাম…আমি আঙ্গুল ঘুরিয়ে ঘুরিয়ে অঙ্গুলি করতে করতে গুদের মজা নিতে থাকি….তারপর হাতটা গুদ থেকে বের করে…গুদের নিচে পোদের ছিদ্রর মধ্যে নিয়ে রাখলাম..আমি আমার তর্জনী আঙ্গুল পদের ফুটোয় ঢুকাতে চেষ্টা করি…কিন্তু ছিদ্রটা ছিল শক্ত…আমি আঙ্গুলে শক্তি প্রয়োগের মাধ্যমে আঙ্গুল পোদের মধ্যে চালান করে দেই…তারপর গুদ চোষা আর পোদে অঙ্গুলি এক সাথে চলতে থাকে…আমি অনেকটা আন্টির জোরের বিরুদ্ধে পোদে অঙ্গুলি করতে থাকি…পুরো আঙ্গুলটা জোর করে বার বার ঢুকাতে থাকি…আন্টি অনেক বার আমার হাত সরানোর জন্য চেষ্টা করেছেন..কিন্তু আমি খেয়াল করি নি….তারপর আমি উঠে গিয়ে আমার সোনা উনার মুখে নিয়ে দিলাম চুষে উনার গুদের জন্য প্রস্তুত করতে…উনি কোনো মায়া দয়া না করে….হাতের মুঠোর মধ্যে রেখে পুরোটা মুখে ঢুকিয়ে দিয়ে অনেক গতির সাথে চুষতে থাকেন….কিন্তু কামের জালায় উনি অস্থির থাকে বেশিখন চুসলেন না…আমায় বললেন
আন্টি : নাও ..অনেক হয়েছে….এবার আমার গুদের আগুন নিভাও দেখি…এমন ভাবে নিভাও যেন আগামী এক সপ্তাহ ওটা না জলে…আর যদি আজকে আমাকে চুদে সন্তষ্ট করতে না পর তাহলে কিন্তু আন্টিকে চোদার কথা আর মনে করবে না….নাও নাও শুরু কর আমি আর থাকতে পারছি না…
(আমি আমার সোনার মুন্ডুটা উনার গুদের ছেদ্যার মধ্যে রাখলাম…তারপর অল্প একটু বল প্রয়োগে সোনা গুদের মধ্যে চালান করে দিলাম….তারপর বসে বসে আসতে আসতে গুদের মধ্যে সোনা উঠা-নামা করাতে থাকি…আন্টি সুধু আহ আহ আহ এই আওয়াজটাই করতে থাকে ..আমি টান মেরে পুরো সোনাটা বের করি আবার ঠেলা মেরে পুরোটা ঢুকিয়ে দেই…উনার গুদ পিচ্ছিল থাকে আমার এত বল প্রয়োগ করতে হয় না… আন্টি বললেন আরো জোরে বাবা..আরো জোরে….আমি আন্টির হাটু দুই দিকে ফাকিয়ে দিয়ে হাটু গেড়ে বসে জোরে জোরে ঠাপতে শুরু করলাম…ঠাপ ঠাপ শব্দ আমার কানে ভেসে আসতে থাকে….আন্টি চোখ বন্ধ করে ইম ইমম ইম শব্দ করতে থাকে….আমি আন্টির উপর শুয়ে ঠোটে চুম খেতে লাগলাম আর শরীরের যত শক্তি আছে টা দিয়ে রাম ঠাপ ঠাপতে থাকি…বিছানা সহ আন্টি কাপতে থাকে…আমি আন্টির হাতের উপর আমার হাত রেখে এক ধেন্যে ঠাপতে থাকি…আন্টি বলতে থাকে )
আন্টি : yea babe yea ..just like that …FUCK me more harder … ya ya ya ya ya …make me pregnant ..stick your dick in my wet pussy ..more harder babe more harder FUCK ME UP ..আহ আহ আমার গুদের সব আগুন নিভিয়ে দে…আমার গুদ ফাটিয়ে রক্ত বের করে দে..আরো জোরে কর বাবা আরো জোরে…আহ আহ আহ আরো জোরে জোরে চোদ আমায়…থামিস নে ….তারপর আন্টিকে উল্টো করে ঘুরিয়ে পাছার দিক দিয়ে সোনা গুদে ঢুকিয়ে দ্বিতীয় বারের মত চুদতে থাকি..চুদতে চুদতে ক্লান্ত হয়ে আন্টির গুদ মালে ভরিয়ে দেই…আন্টি খুব জোরে ক্লান্তির এক নিশ্বাস ফেলেন… গুদ থেকে আঙ্গুল দিয়ে বীর্য নিয়ে খেতে থাকে…
আমি : আন্টি, পাশ নম্বর পেয়েছি তো ? পরের পরীক্ষা দেয়ার জন্য উত্তরিনও হয়েছি তো?? পরের বার কিন্তু আরো সময় দিতে হবে…
আন্টি : জানি না যাও….এত জোরে কেউ চোদে…আমার গুদ ফাটিয়ে দিয়েছিস…এ বয়সে এত জোর….আমায় পরম শান্তি দিলি…
আমি : আপনি যাই বলেন…জীবনের প্রথম পরীক্ষায় পুরো ফুল মার্কস পেয়েছি বলে আমার বিশ্বাস…
আন্টি : পেয়েছই তো..পাকা ছেলে..গুদ মারায় পুরো ওস্তাদ…
আমি : আন্টি…মাল তো সব গুদে ফেলেছি..ধরে রাখতে পারি নি…এখন??
আন্টি : আর কি ?? তুমি বাচ্চার বাবা হবে আর আমি মা…হা হা হাহ ….ভয় কর না..আমার কাছে পিল আছে….(আন্টি বিছানা থেকে উঠে যাওয়ার সময় আমার সোনাটা আবার মুখে নিয়ে চুষে দিল…)

Wednesday, September 17, 2014

মেয়ে আর মেয়ের মাকে চোদা Ma Meya K Aksate Choda



লীখন খুবই মনের আনন্দে আছে, কারন লীখন কচি মেয়েকে চুদতেছে আজ প্রায় তিন বছর যাবত। লীখনের সাথে প্রেমার মার পরিচয় হয় ইন্টার্নেটের তাগ ওয়েব সাইডের মাধ্যমে, প্রথমে বন্ধুত্ব পরে খুবই ঘনিষ্ট সম্পর্ক হয় আচলের সাথে (প্রেমার মায়ের নাম আচল কথা), লীখনের চেয়ে ১২ বছরের বড় প্রেমার মা, তারপরেও লীখন আর প্রেমার মার বন্ধুত্ব অনেক গভীর। একজন আরেকজনের সাথে কথা না বলে একদিনও থাকতে পারে না। প্রেমার বাবার সাথে প্রেমার মার ডিভোর্স হয় যখন প্রেমার বয়স দুই বছর। আচল ভাবী পরে আর বিয়ে করেনি। ভালো কোন ছেলে পায়নি তাই বিয়ে আর করেনি। কিন্তু আচল ভাবীর সাথে মহিম নামের এক লোকের পরিচয় হয়, পরে তাদের মাঝে প্রতিদিন চোদা-চুদি হয়ে থাকে। যাক সেই কথা, আসল কথায়ে আসা যাক, আচল ভাবী একদিন লীখনকে তাদের বাসাতে দুপুরের খাবারের জন্যে আমন্তন করে ছিলো, সেই থেকে লীখন প্রেমাদের বাসায় প্রতিদিনই যেত, আর এই আসা যাওয়ার মাধ্যমে লীখনের সাথে প্রেমারও পরিচয় হয়, প্রেমা লীখনকে কাকু বলে
ডাকতো, এইভাবে লীখন আর প্রেমা একজন আরেকজনের খুবই কাচা-কাছি চলে আসে, পরে লীখন আর প্রেমার মাঝে দৈহিক মিলনও হতে থাকে। এইভাবে প্রায় বছর খানিক কেঁটে গেলো। আর আচল ভাবী কেমন জানি একটু একটু সন্দেহ করা শুরু করেছে। খুবই স্বাভাবিক – গত দুই বছরে প্রেমার স্তন আর পাছা যেভাবে বেড়েছে আর এখন যা হয়েছে। প্রেমা এখন আর লীখনকে কাকু বলে ডাকে না। প্রেমাকে যখনই সেই কথা  বলা হয় তখনই ও চোদন খেতে খেতে বলল যে ‘রাখো তো, মাকে অত পাত্তা দিবা না। মা যে দুপুর বেলায় আমি স্কুলে চলে যাওয়ার পর মহিম কাকুকে বাসায় ডেকে তারা চোদা চুদি করে তার বেলায় কি শুধুই জিরো?’

‘মহিম কাকু কে?’
‘বাবার সাথে এক সময় ব্যবসা করতো।’
একদিন দুপুরে লীখনের মোবাইল ফোনে কল পেল।
‘’লীখন আমি তোমার আচল ভাবী বলছি।’
‘ও ভাবী, হ্যাঁ বলুন?’
‘তুমি এক্ষুনি একটু আসো তো।’

‘এখন দুটো বাজে, ভার্সিটি ৫টায় ছুটির পর গেলে হবে না?’
‘নাগো দেরী হয়ে যাবে। তোমার তো এখন টিফিন পিরিয়ড। আমার এখানে তুমি খাবে চলে আসো।’
যাক, লীখন ভাবল হয়ত আচল ভাবীর শরীর খারাপ। সে ভাবীর বাসায় গিয়ে কলিং বেল বাজাল। ভাবী বেরিয়ে এল। দেখেতো অসুস্থতার কোন চিহ্নই চোখে পড়ল না। একটা হাতকাটা ডিপনেক পাতলা নাইটি পরে আছে। ভিতরে ব্রা পেন্টি কিছু নেই। মাই, পাছা সব পরিষ্কার বোঝা যাচ্ছে। লীখনের ধোন তো ৯০ ডিগ্রী হয়ে গেলো। যাই হোক লীখন সোফায় বসল।
ভাবীঃ  দেখো তো তোমাকে এখন ডাকার কারণ- বিকালে প্রেমা থাকবে, তাই বলা যাবে না।
লীখনঃ  ব্যাপারটা কি ভাবী?
ভাবীঃ দেখো লীখন, তোমার আর প্রেমার চোদনলীলা আমি সব জানি। তুমি আমার মেয়েটাকে এভাবে নষ্ট করছ কেন? ওতো এখনো বাচ্চা মেয়ে মানুষ, মোহে পড়ে আছে।
লীখনঃ আমি প্রেমাকে বিয়ে করব।
ভাবীঃ মেয়ের মার বিনা অনুমতিতে কি তুমি বিয়ে করবে নাকি?
লীখনঃ সেটার সময় হলেই আমরা অনুমতি চাইব।
ভাবীঃ ঠিক আছে আগে খেয়ে নাও, তোমার লাঞ্চ তো এখনো হয়নি।

খাওয়ার পর লীখন উঠতে যাবে ভার্সিটিতে ফেরত যাবার জন্য। আচল ভাবী সোফায় বসে উঃ করে বসে পড়ল। কি হল ভাবী, বলে লীখন এগিয়ে গেল।

ভাবীঃ কোমরে একটা ফিক ব্যথা হয়েছে।
লীখনঃ ঘরে মুভ আছে?
ভাবীঃ আছে, কিন্তু প্রেমা না আসা পর্যন্ত কে লাগিয়ে দেবে?
লিখনঃ যদি কিছু না মনে করো তাহলে আমি লাগিয়ে দিচ্ছি।
ভাবীঃ  সেতো আমার পরম সৌভাগ্য।
ভাবী ডিভানের উপর উপুড় হয়ে শুলো।
লীখনঃ কিন্তু ভাবী, তোমার নাইটিটা একটু কোমরের উপরে উঠাও?
ভাবীঃ এর জন্য আলাদা অনুমতি দরকার?

লীখন কোন কথা না শুনে ভাবীর নাইটিটা কোমরের উপর তুলে দিল। লীখন ভাবীর কোমর মালিশ করবে কি, দলদলে ধামসানো পাছা দেখে চিত্তির ফাক। মনে মনে ঠিক করল আজ ভাবীকে না চুদে ও যাবে না। কোমর মালিশ করতে করতে ইচ্ছে করে পাছাও টিপে দিচ্ছে। আচল ভাবী কোন আপত্তি করছে না। বরং উল্টো বলল ‘পিছনটা বেশ আরাম লাগল। সামনের দিকটা একটু দেখো ভাই।’

লীখন সাথে সাথে ভাবীকে চিৎ করে শুঁইয়ে দিল। লীখন মালিশ করবে কি – কতদিন এই রকম গুদ কল্পনা করেছে চোদার জন্য। পরিষ্কার বাল কামানো। মসৃণ, গুদের ঠোঁট দুটো গোলাপের পাপড়ি, ৪৪ বছরের মাগীর খানদানী সতেজ গুদ দেখে লীখনের মাথার মধ্যে ভো ভো শুরু হয়ে গেছে। ভাবী চোখ ভোঁজা অবস্থায় বলল, ‘কি ব্যপার লীখন, আমারটা কি প্রেমার চেয়ে খুব খারাপ নাকি?’ লীখনের সব বাঁধ ভেঙে গেল। ভাবীকে জড়িয়ে ধরে চুমু খেতে লাগল আর ঠোঁট চুষতে চুষতে বলল, ‘ভাবী তোমার এই গুদের কাছে প্রেমার গুদের কোন তুলনায় হয় না।’
ইতিমধ্যে ভাবীর নাইটি পুরো খুলে ফেলেছে, ভাবীও লীখনের প্যান্ট জামা সব খুলে ফেলেছে। লীখন ঠিক করতে পারছে না, কোনটা ছেড়ে কোনটা ধরবে- মাই না গুদ না পাছা। লীখন ডান মাইটা চুষতে থাকল আর বা দিকের খয়েরী নিপল মৃদু ভাবে খুঁটতে থাকল। ভাবী উঃ আঃ স্বরে শীৎকার করতে থাকল। তলপেটে হালকা চর্বি জমায় ঐ জায়গা আকর্ষণীয়। লীখন তলপেট রগড়াতে থাকল। গুদে আঙুল দিয়ে দেখে হড়হড় করে রস কাটছে। লীখন পাগলের মত জিভ ঢুকিয়ে দিয়ে রস খেতে থাকল। ভাবী লীখনের মুণ্ডিটা হালকা করে চাপ দিয়ে বলল ‘একা রস খেলে হবে? ৬৯ পজিশনে লীখনকে শুইয়ে দিয়ে লীখনের ধোনটা মুখে নিয়ে আইসক্রিমের মত চুষতে থাকল। আর লীখন তো বিরামহীন চুষে চলেছে। ভাবী বলল ‘আর পারছিনা গো, তোমার আইফেল টাওয়ার টাকে এইবার আমার গুদের মধ্যে ডুঁকিয়ে দাও তারা তারি, আমি আর পারছি না গো।

লীগন ভাবীকে জিজ্ঞাসা করল ‘কিভাবে তোমার পছন্দ ভাবী সোনা?’
ভাবীঃ ‘তুমি আমাকে কুত্তিচোদা কর।‘
ভাবী উপুড় হয়ে শুঁইলো, মাই দুটো দুলতে থাকল – সে এক অপরুপ দৃশ্য। লীখন মাই দুটো পিছন থেকে ধরে পকপক করে টিপতে টিপতে বাড়াটা ভাবীর গুদে ঢুকিয়ে দিয়ে সজোরে একটা ধাক্কা দিয়ে বাড়াটা ভাবীর গুদের ভিতরে ঢুঁকে গেলো – ভসভস করে ঢুকিয়ে দিল আর ফচাৎ ফচাৎ করে জোরে জোরে চুদতে লাগলো। এই ভাবে ১০ মিনিট চোদার পর ভাবী মাল ছেড়ে দিলো আর লীখন চুদেই চলছে। পরে ৩০ মিনিট পরে লীখন ভাবীকে বলল যে ভাবী আমারও হয়ে আসছে, তা আমি আমার মাল গুলো কোথায়ে ফেলবো, বাহিরে না গুদের ভিতরে? ভাবী বলল যে গুদের ভিতরে ফেলো। পরে লীখন আরো কিছুক্ষন সময় জোরে জোরে চুদে ভাবীর গুদের ভিতরে সবটুকু মাল ঢেলে দিল।
কিছুক্ষন পরে ভাবী বলল যে ‘কি আরো চলবে, নাকি কঁচি গুদ মারবার ইচ্ছা আছে?’
লীখন মাই টিপতে টিপতে বলল, ‘এই রকম খানদানী গুদের কাছে কচি গুদ নস্যি।‘

আচল ভাবী লীখনের কাছ থেকে কথা নিয়ে নিল যে দুপুরে এখানে খাবে আর আচল ভাবীকে চোদন খাইয়ে আসবে। মহিম ভাই ও প্রেমার সামনে বাইরে খাবার সহ্য হচ্ছেনা বলে পেয়িং গেষ্টের ব্যাপারটা ঠিক করে নিল। লীখন তো মহানন্দে দুপুরে মাকে সন্ধ্যায় মেয়েকে চুদতে থাকল। মহিমের সাথে আচল ভাবীর গোলমাল হওয়াতে ভাবী এখন পুরোপুরিই লীখনেরী। ভাবীকে লীখন আর ভাবী বলে ডাকে না। লীখন আরেকটা জিনিস দেখেছে, ভাবীকে চুদতে অনেক বেশী মজা পাওয়া যায়, যা প্রেমাকে চুদে তা পাওয়া যায় না। ভাবী কোন কন্ডম ব্যবহার করা পছন্দ করে না। তাইতো আচল ভাবীকে জন্ম নিরোধক ব্যবস্থা ছাড়াই চুদতে থাকল। আর প্রেমার ক্ষেত্রে পুরো জন্ম নিরোধক ব্যবস্থা নিয়ে ওকে চুদতে হতো। এর ফলে আচল ভাবী বছর খানেকের মধ্যে গর্ভবতী হয়ে গেল। যথা সময়ে একটা ছেলে হলো। একমাত্র লীখন আর ভাবীই জানে যে ছেলের বাপটা লীখন। লীখন ভার্সিটিতে জানিয়ে দিল যে সে আরো কিছুদিন ক্লাসে আসতে পারবে না। প্রেমা উচ্চ মাধ্যমিক পাশ করার পর লীখনের তাকে প্রেমার বিয়ে দেওয়া হলো। আর ততদিনে পাঁচ বছর ধরে লীখনের চোদন খেয়ে প্রেমাও খানদানী মাগী হয়ে গেছে। লীখন আলাদা ফ্ল্যাটে উঠেছে। কিন্তু লীখনের সেই চোদন লীলা এখনও চলতেছে, যেমন দুপুরে আচল ভাবীকে চোদে আর রাতে ওর বউ প্রেমাকে চোদে – এইভাবে এখনো চলতেছে তাদের তিনজনের চোদন লীলা।

যুবতী বৌয়ের ডাঁশা-গুদ Juboti Bou Ar Dasha Gud Choti Golpo



Bangla Choti চুদবার আগে গুদের বাল চেঁচে দিয়েছে অমর। এতে তার গুদ চুষতে খুব সুবিধা হয়। গুদ না চুষলে নিয়মিত স্বামী সহবাসে অভ্যস্তা বিবাহিতা নারীদের কাম উঠবে না। তাই অমর জোর করেই সঙ্গিনীদের গুদ চোষে নন্দিনী সরকারী চাকরী করে। স্বামী স্কুলের মাষ্টার। দুজনে মিলে লোন করে দমদমে একটা ফ্ল্যাট কিনেছে। তার গৃহ প্রবেশের কয়েক দিন আগেই শ্বাশুড়ী ডাকলো – শোন বৌমা, গৃহপ্রবেশ হবে, নারায়ন পূজা হবে, সেসব ঠিক আছে। কিন্তু আমাদের বাড়ীর নিয়ম হচ্ছে মতুন বাড়ীর গৃহপ্রবেশের পর নারায়ণ পূজার জায়গাতেই স্বামী-স্ত্রী মিলিত হবে। এর যেন অন্যথা না হয়।মা, আপনি তো জানেন না, ওর ও সবে একদম আগ্রহ নেই। ঠিক আছে, আমি খোকাকে আলাদা করে ডেকে বলে দিচ্ছি যাতে তোমার রাগরস বার করিয়ে দেয়।। এই প্রথা আমাদের বংশগত।কিন্তু তুমিও পুরো চেষ্টা চালিয়ে যাবে, ঠিক গৃহপ্রবেশের নারায়ণপূজার জায়গাতেই ও যাতে মিলনের তৃপ্তি পেয়ে তোমার যোনির মধ্যে বীর্যপাত করেপরিবারের মঙ্গলের জন্য ঐ দিন স্বামীর বীর্যধারণ বাড়ীর বৌ হিসাবে তোমার অবশ্য কর্তব্য। এই রাতে তোমার শ্বশুর মশাইয়ের বীর্যেই তোমার স্বামীকে গর্ভধারণ করেছিলাম আমি। কাজেই তোমাদের ভবিষ্যতের জন্য এ কাজ ঐখানেই করতে হবে।মাতৃ আজ্ঞা শিরোধার্য। তাই নতুন বাড়ীর গৃহপ্রবেশের পরদিনই নন্দিনী ব্যবস্থা করলো যাতে বারাসাত থেকে ছোট বোনের স্বামী দুপুরবেলা এসে দুই মেয়েকে নিয়ে যায়। সারা দুপুর থেকে অনেক ভ্যাজর ভ্যাজর করে বিকালের দিকে বড় শালীর দুই মেয়েকে নিয়ে বিদায় হলো দেবাশীষ। অনেকক্ষন ধরেই দুজনের যৌনাঙ্গে কুটকুটানি ধরেছে। না চুদলে যাবে না।সন্ধ্যা তখন ঘনিয়ে আসছে। অমিতাভ পুজোর জায়গাটা পরিস্কার করে তোষক পাতলো। নন্দিনীর আবার পরিস্কার বাতিক। অমিতাভ কাচা নতুন বেডশীট যখন বিছাচ্ছে, তখন নন্দিনী ঢুকলো স্নানে, যা গরম। সঙ্গমের আগে স্নান করে, গায়ে পাউডার দেওয়া নন্দিনীর বরাবরের অভ্যাস। এমনকি ছোটবেলার প্রেমিক অমরের বিছানাতে যাওয়ার আগেও নন্দিনী এটা করে থাকে। ফ্রেশ হয়ে থাকলে বহুক্ষণ পুরুষের লোড নেওয়া যায়। অমরের বীর্যধারণ ক্ষমতা বিরাট। এক নাগাড়ে সে তিন ঘন্টা ছোটবেলার প্রেমিকাকে নানা কায়দাতে শুয়ে বসে চূড়ান্ত আরাম দিয়ে ভোগ করে। তবে এর মধ্যে নন্দিনীর সব থেকে পছন্দ অমরের কোলে বসে সঙ্গম। দু দিকে পা ছড়িয়ে দিয়ে উদ্যত লিঙ্গকে যোনি দিয়ে চেপে ধরে যোনিরস দিয়ে স্নান করায় নন্দিনী। এসব অমরকে বলতেও হয় না। নন্দিনীর পা দুটো ফাঁক করে নিয়ে, পাছা বালিশে দিয়ে গুদটা ফেড়ে নিয়ে রস চাটা অমরের নিত্য কর্তব্য। অমর জানে কি করলে নিয়মিত স্বামী সহবাসে অভ্যস্তা বিবাহিত নারীও যৌন তৃপ্তির জন্য তার কাছে চিটিয়ে থাকবে। অমরের প্রতিবার সঙ্গমে নন্দিনীর ২৫-৩০ বার রাগমোচন হয়। বান্ধবীদের রাগরস অমরের বিচি বেয়ে বিছানায় যাতে না পড়ে তার জন্য পাছার তলায় তোয়ালে দিয়ে চোদা শুরু করে অমর। সঙ্গিনীর রতিতৃপ্তির ব্যাপারে অমর সদা সতর্ক। এতক্ষন চোদাচুদির পরেও যে বান্ধবীদের সারা শরীরে অমর কোন দাগ ফেলে না, এটাই আশ্চর্য। অথচ নিজের স্বামী অমিতাভ দশ মিনিটের মিলনে দুবারের বেশি বৌয়ের রাগমোচন করাতে তো পারেই না বরং বুকের বোঁটায় দাগ করে দেয়। এই কায়দাতে অমর অতক্ষন চুদলে কবেই নন্দিনীর গুদের ছাল উঠে যেত। তবে স্বামী আর প্রেমিকের বীর্য নিয়মিত নেওয়ার আর রাগমোচনের জন্য নন্দিনীর শরীর এই বয়সী নারীদের থেকে অনেক কমনীয় – স্তন অনেক সুডৌল।যাই হোক, স্নান করে নন্দিনী একটা হাতকাটা লাল রংয়ের নাইটি পরলো। নাইটির সামনেটা ডিপ কাট – যাতে বুকের অনেকটাই বেরিয়ে থাকে। তলায় অমরের দেওয়া পিটার প্যানের লেস দেওয়া ব্রা। অমিতাভ সায়া, নাইটি সব মিলিয়ে গোলমাল করে ফেলবে বলে সায়া আর পরলো না। আজ স্বামীকে উত্তেজিত করে তাকে সঙ্গমে তৃপ্তি দিতেই হবে।এদিকে নিচের ফ্ল্যাটের মুখার্জীবাবু এসে মিউটেশন, প্রোমোটারের বজ্জাতি নিয়ে কাহিনী জুড়লেন। ওদিকে যুবতী বউ অধীর আগ্রহে অপেক্ষা করে আছে শারীরিক মিলনের জন্য। অমিতাভ অতি কষ্টে মুখার্জীবাবুকে বিদায় করেই গেটের গ্রিলে বাইরে থেকে তালা ঝুলিয়ে দিলো যাতে বাইরে থেকে দেখে মনে হয় বাড়ীতে কেউ নেই। নিজের বিয়ে করা বৌকে চুদতেও কত বাধা। নিজের বাড়ীতে মেয়েদের জন্য প্রাণপনে ঠাপানো দূরে থাক, বৌয়ের পাকা মাইদুটোকেই চোষা যায় না। প্রায় বছরখানেক আগে এক দুপুরে খালি বাড়ীতে নন্দিনীকে পুরো ল্যাংটো করে চুদেছিলো অমিতাভ। সেদিন দুজনেই বুঝেছিল চোদনের আসল আরাম পেতে গেলে গায়ে জামা-কাপড় থাকলে হবে না। আর অমর তো নন্দিনীকে চোদনের আগেই গুদ চুষে উলঙ্গ করে নেবেই। প্রথমে আপত্তি করলেও, পরে নন্দিনী আরাম পেয়ে অমরের ল্যাংটো চোদনের ভক্ত হয়ে গেলো। নিজেই কাপড় খুলে চোদার জোগাড় করে আজকাল।এঘরে আলো আধাঁরিতে যুবতী বৌয়ের শরীর দেখেই অমিতাভর লিঙ্গাগ্র শক্ত হয়ে উঠল। স্বামীর কাম বাড়ানোর জন্যে দরজার দিকে পা দিয়ে, নাইটি কোমরে তুলে, গুদ বার করে আধশোয়া হয়ে ছিলো সতীসাধ্বী স্ত্রী। কিছুদিন আগেই চুদবার আগে গুদের বাল চেঁচে দিয়েছে অমর। এতে তার গুদ চুষতে খুব সুবিধা হয়। গুদ না চুষলে নিয়মিত স্বামী সহবাসে অভ্যস্তা বিবাহিতা নারীদের কাম উঠবে না। তাই অমর জোর করেই সঙ্গিনীদের গুদ চোষে। মেয়েদের নিয়ম হছে না না করা। একবার স্বাদ পেয়ে গেলে পরের বার থেকে বান্ধবীরা ঠ্যাং ফাঁক করেই রাখে যাতে অমর আরো ভালো করে গুদ চোষে। অমরের চোদনের পর থেকে তার পর আর বৌকে চোদার সময় বা সুযোগ কোনোটাই পায়নি অমিতাভ। বৌয়ের নতুন করে গজানো বালের ফাঁকে কোট উঁকি মারছে – দেখেই অমিতাভর রক্তে আগুন ধরে গেল। নন্দিনীকে জাপটে ধরে অমিতাভ ব্রা খুলে পাকা মাইতে মুখ ডুবিয়ে দিলো। ক্রমাগত স্তনাগ্র চোষনের ফলে নন্দিনীর যোনি থেকে প্রচুর কামরস বেরিয়ে যোনিপথকে করে তুলল পিচ্ছিল।অমরের কাছ থেকে শেখা কায়দা অনুসারে নন্দিনী স্বামীর লিঙ্গের ছালটা ছাড়িয়ে মুন্ডি বার করে মর্দন করাতে অমিতাভর কাম বেড়ে গেলো বহুগুন। বিচি দুটোকে কচলে কচলে নরম করে স্বামীকে সুখ দিতে লাগলো সাধ্বী স্ত্রী। তবে সমস্যা একটাই, অমিতাভ মোটা হয়েছে এতো যে ওপরে উঠলে বৌয়ের দম আটকে আসে। নিজের বাড়ীতে মেয়েরা জেগে যাবে বলে অমিতাভ পুচপুচ করে গুদ মেরে বীর্যপাত করে সরে পড়ে। খালি ফ্ল্যাটে সে সব লজ্জাশরমের বালাই নেই। তার ওপর শ্বাশুড়ীর আদেশ নন্দিনীকে সাহসী করে তুলল। ধাক্কা দিয়ে অমিতাভকে চিৎ করে ফেলে নিজেও উপুড় হয়ে নাইটি খুলে হাঁটু মুড়ে পজিসন নিয়ে নিলো। প্রেমিকের শেখানো কায়দাতে সোজা স্বামীর ধোন চুষতে, বিচি টিপতে শুরু করলো — অমিতাভ একেবারে নবাবী কায়দাতে বৌয়ের চোদনবিলাস ভোগ করতে শুরু করলো। অমিতাভর মুখে একটা মাই গুঁজে দিয়ে এক ঠাপে নন্দিনী স্বামীর মাঝারি সাইজের বাড়াটাকে নিজের গুদে নিয়ে নিলো।অমিতাভ তো বৌয়ের এই রণরঙ্গিনী মুর্তি দেখে অবাক। কোন হড়বড় না করে নন্দিনী অমরের শেখানো কায়দাতে স্বামীকে মাঝারি ঠাপে চুদতে থাকলো যাতে ভগাঙ্কুর স্বামীর লিঙ্গমুন্ডিতে ঘষা খায়। সোমত্ত বৌয়ের ডবকা গতর এভাবে পাবে, অমিতাভ স্বপ্নেও ভাবেনি। সে আয়েশ করে বৌয়ের পাছা চটকাতে চটকাতে চোদনের চরমে উঠতে থাকলো। সারা ঘরময় তখন খালি চোদনের পকাপক আওয়াজ। যেই বুঝলো স্বামীর হয়ে এসেছে, নন্দিনী ঠাপাঠাপি বন্ধ করে দিল। অমিতাভ সামলে নিতেই আবার আলগা ঠাপে বরকে চুদতে শুরু করলো নন্দিনী। পাকা গুদের মধ্যে বুড়ো বাড়া যেন সেদ্ধ হচ্ছিল। অমিতাভর মনে হলো যেন বৌ গুদের দুই ঠোঁট দিয়ে তাকে দুইছে। ঠিক সময়ে অমিতাভ নন্দিনীকে নিচে ফেলে বদাবদ রাম-ঠাপ দিয়ে যুবতী বৌয়ের ডাঁশা-গুদে বিচির রস ঢেলে দিয়ে গৃহস্বামীর পবিত্র-কর্তব্য পালন করলো

Sunday, September 14, 2014

আমার সেক্সী লন্ডনী মামী বাংলা চটি Londoni Mami Choda Bangla Choti



আমি পড়ালেখা করতাম সিলেটে মামার বাসায় থেকে। আমি একাই থাকতাম। মামা মামী লন্ডনে থাকে, বুয়া খানা পাকিয়ে দিতো। হঠাত্ একদিন মামার সাথে রাগ করে মামী দেশে চলে আসলো একা। মামীর যা যৌবন, পাগল না হয়ে উপায় কি? যেমন দুধ তেমন পাছা তেমনি বডি ফিগার, দেখা মাত্রই অন্য রকম অনুভুতি হয়। কিন্তু উপায় কি, হাজার হলেও মামী, তাদের বাসাতেই থাকি। তাই কিছু বলার মত সাহস নেই আমার। তবু মামীর সাথে মাঝে দেশ বিদেশ নিয়ে গল্প করি। আমি তাকে কথায় কথায়  য়ের কথা বলে ফেললাম। আমার ভয় লাগতে শুরু করলো। রাতে মামী দেখে সকালে নাস্তার পর হেসে হেসে বলল পেকে গিয়েছো, তাই না। সাইটটা আমার খুব ভাল লেগেছে, ধন্যবাদ। আমার সাহস বেড়ে আরো গেল। হঠাত্ একদিন মামীর মাথা ব্যথা। আমাকে ডেকে বললো আমার খুব মাথা ও শরীর ব্যথা, একটু শরীরটা টিপে দাও না? wow! আমি হাত নামিয়ে তার উরু টিপতে লাগলাম। টিপো আরো টিপো। এবার মামীকে বসিয়ে তার ম্যাক্সি খুলে ফেললাম। সত্যই মামীর দেহটা বিধাতা নিজের হাতে বানিয়েছে, কত সুন্দর। ব্রা খুললাম এবার মামীর দুধের আন্দাজ করতে। আহ! কত সুন্দর দুধ, আমাকে অস্থির করে ফেলছে। আমি দেরী না করে সুন্দর শক্ত দুধের বোঁটায় মুখ বসালাম। মামী আমার মাথা তার দুধের সাথে ঠেসে ধরল আর বলল কতদিন দেখো? আমি বললাম সাইটটা পুরানো এবং সাইটটার তেজ আছে। বছরখানেক হয় পড়ছি। মামী বলল, ওখানে অসাধারন কিছু ফটো আর গল্প আছে যা আমার খুব ভালো লেগেছে আর এ কারনে আমার জ্বালা উঠেছে। এবার আমি মামীর প্যান্টি খুলে ভোদায় আঙ্গুল দিয়ে নাড়তে লাগলাম। মামী ওঃ আঃ ইস আওয়াজ করছে। আমি তার ঠোঁটে কিস বসালাম। মামীও পাগলের মতো আদর করতে লাগল। আমি বুঝলাম মামী ক্ষুধার্ত। এক ফাঁকে তার থাইয়ের মাঝে সুন্দর ফর্সা অস্বাভাবিক গুদটাও চোষতে ছিলাম। মামী আমাকে উলঙ্গ করে আমার সোনা দেখে বলল তোমার সোনাতো বিশাল! মামি আমার সোনা চুষে আমি তার দুধ চুষি, ভোদায় আঙ্গুল দিয়ে রেখেছি। মামী একটা কথা বলবা? কি কথা? মামা জানতে পারলে? আরে জানলে জানুক। তোমার মামা শুধু টাকা পয়সার শান্তি দেয়। আমাকে একদিনের জন্যও চোদনের সুখ দিতে পারেনি। তুমি আমাকে চুদে সেটা উসুল করো। এবার মামীকে চোদার প্রস্তুতি নিচ্ছি। মামীকে সোফায় চিত্ করে শোয়ালাম। আমি দাঁড়িয়ে মামীর পা আমার কাঁধে নিলাম। মামীর গুদটাও টাইট। আমি ঝাঁকুনি দিয়ে পুরো সোনা মামীর অজানা খাদে ঠেলে দিলাম। আহ! এমন ফিগারের একটা মেয়েকে চুদতে পেরে জীবন ধন্য। মামী আঃ ঈ অ এ গ গ এমন শব্দ করছে, আমিও ঠাপাচ্ছি। মামী বললো ইস ওগো, তোমার মামা আমাকে কিছুই দেইনি। তুমি আমাকে আজ জীবনের পরিপুর্ন সাধ দিলা। আমার জীবন আজ ধন্য। ঠাপা আরো ঠাপা, জোরে এ্যা ওঃ ইস, তোমার মামার কাছে আর যেতে চাই না। এই ঠাপ ছাড়া আমি থাকতে পারবো না। ওঃ আঃ ইস! আমিও কে ধন্যবাদ দিলাম। ওই সাইটের ঠিকানা মামীকে না দিলে এমন একটা আধুনিক মেয়েকে চোদিতে পারতাম না। মামী এখনো গোঙাচ্ছে, হ্যাগো অনেক সুখ অনেক আনন্দ, তুমি আমার, তোমাকে বিয়ে করতে দিব না আমি। আমি একাই তোমার চোদন খেতে চাইগো। এবার গরম মাল ফেললাম মামীর ভোদায়। মামীও আমাকে জাপটে ধরে শুয়ে রইল। আমিও মামীর সুন্দর মর্ডান শরীরের উপর শুয়ে থাকলাম।

 
Bangla Choti Club